हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की आय से अधिक संपत्ति मामले में उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह ने सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम तो सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज करने के लिए संबंधित अथॉरिटी से इजाजत तक नहीं ली, ऐसे में प्राथमिकी ही औचित्यहीन है।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी के समक्ष प्रतिभा सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन ने तर्क रखा कि 23 सितंबर 2015 को जिस तिथि पर सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की उस समय वीरभद्र हिमाचल के मुख्यमंत्री पद पर थे और अब भी हैं।