पहाड़ों में बर्फ पिघलने से हिमाचल में बिजली उत्पादन बढ़ना शुरू हो गया है। इससे अब राज्य में पावर कट नहीं लगेंगे। बिजली उत्पादन घटने से कुछ दिन पहले बिजली बोर्ड ने औद्योगिक इकाइयों सहित घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली कट लगाने के लिए कहा था।
विज्ञापन
अब प्रदेश को इन दिनों रोजाना करीब 450 लाख यूनिट बिजली प्राप्त हो रही है। उपभोक्ताओं को रोजाना 280 लाख यूनिट की जरूरत है। शेष बिजली पड़ोसी राज्यों को बैंकिंग पर देने के अलावा बेची जा रही है। इसमें 170 लाख यूनिट रोजाना नोएडा और दिल्ली को सप्लाई की जा रही है।
उद्योगों को थी चिंता- बिजली उत्पादन घट जाने से बिजली बोर्ड ने पावर कट के लिए कहा था, औद्योगिक इलाकों में कई जगह कट लग रहे थे। इससे उद्योगों पर मार पड़ रही थी। अब जब बिजली उत्पादन बढ़ा है तो बोर्ड ने औद्योगिक इकाइयों में भी बिजली कट नहीं लगाने की बात कही है।
विज्ञापन
इससे उद्योग मालिकों की चिंता खत्म हो गई है। सोलन के बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, ऊना के मैहतपुर और परवाणू में बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं।
हिमाचल को वर्तमान में बिजली जरूरत : 280 लाख यूनिट
प्रदेश की अपनी योजनाओं में उत्पादन : 77 लाख यूनिट
बास्पा बिजली परियोजना में उत्पादन : 74 लाख यूनिट
सेंट्रल शेयर से हिमाचल को मिल रही : 252 लाख यूनिट
निजी क्षेत्र की परियोजना से मिल रही : 50 लाख यूनिट