सुन्नी, दाड़गी और धामी से गंज बाजार आ रही है अनारदाने की आपूर्ति
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बीते एक हजार रुपये किलो तक बिका था अनारदाना
संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। राजधानी में जंगली अनारदाने की उपज बीते साल के मुकाबले कम है और मांग अधिक। इसके चलते कीमतों में भी इजाफा हुआ है। शिमला के गंज बाजार में 1500 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बिक रहा है। इसके अलावा छोटे आकार का आनारदाना 700 रुपये किलो भी बिक रहा है।
बीते वर्ष आनारदाना 700 से 1000 रुपये प्रतिकिलो तक बिका था। मसाला कंपनियों के प्रतिनिधि अनारदाना लेने के लिए दस्तक दे रहे हैं। शहर के गंज बाजार में हर साल सुन्नी, भज्जी, दाड़गी, धामी और माहूनाग सहित अन्य स्थानीय क्षेत्रों से लोग अनारदाना बेचने आते हैं। गंज बाजार के आढ़ती विशाला सूद ने बताया कि इस साल बीते वर्षों के मुकाबले अनारदाने की बहुत कम सप्लाई पहुंची है। इसका मुख्य कारण पैदावार में कमी है।
मौसम अनुकूल न रहने के कारण इस साल उत्पादन आधे से भी कम है, इसलिए दामों में बढ़ोतरी हुई है। अनारदाना मसालों के अलावा आयुर्वेदिक दवाएं, पाचक चूर्ण और गोलियां बनाने में इस्तेमाल होता है। इसकी चटनी खाने में जहां स्वादिष्ट होती है वहीं गर्मी में पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रखती है। बढ़िया क्वालिटी के कारण शिमला के अनारदाने की मांग अधिक है। यहां का अनारदाना ज्यादा खट्टा होता है और लंबे समय तक खराब नहीं होता। हर साल गंज बाजार में लाखों रुपये का कारोबार होता है। यहां से अनारदाना की आपूर्ति दिल्ली तक होती है।