शिमला और धर्मशाला में दो-दो स्क्रीन के अलावा बद्दी, डमटाल, कालाअंब, मनाली, परवाणु, पांवटा साहिब, सुंदरनगर तथा ऊना में एक एक स्क्रीन स्थापित की जाएंगी।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संबंधित क्षेत्रों में हवा में मौजूद पीएम 10, नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएगा।
इसके अतिरिक्त इन इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले स्क्रीनों पर संबंधित शहरों की पर्यावरण संबंधी जानकारी, जिनमें जल और ध्वनि प्रदूषण, सिविल और जैव चिकित्सा, कचरा प्रबंधन, जल प्रबंधन तथा तापमान की जानकारी भी उपलब्ध होगी।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा नंदा और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव डॉ. आरके परुथी तथा बोर्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।