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Shimla News: जिला परिषद की सरदारी को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने

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कांग्रेस के बारह व भाजपा के ग्यारह सदस्य पहुंचे शिमला, दो सदस्य रहे गैर हाजिर
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बहुमत को लेकर दोनों दलों के दावे, सीएम की वापसी के बाद तय होगा अंतिम फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की कुर्सी को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। मंगलवार को कांग्रेस के बारह जिला परिषद सदस्य चुनाव से दो दिन पहले शिमला पहुंच गए हैं। जहां पर सभी सदस्यों ने चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की । वहीं दूसरी ओर बताया जा रहा है कि भाजपा के भी ग्यारह सदस्य शिमला पहुंच गए हैं। 25 में से 23 जिला परिषद सदस्य शिमला पहुंच गए हैं। अब राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दोनों दल जहां बहुमत होने का दावा कर रहे हैं। मंगलवार को कांग्रेस के 12 जिला परिषद सदस्यों ने बैठक भी की। चुनाव से पहले इस बैठक को राजनीतिक रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बैठक में पार्टी की ओर से निर्देश थे कि सभी सदस्य अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नामों का चयन कर लें और अपनी सहमति दें। हालांकि सभी सदस्यों ने कई नामों पर मंथन किया, लेकिन अंतिम फैसला फिर से सरकार के पाले में छोड़ दिया, ताकि किसी भी सदस्यों के बीच मतभेद न हो। बैठक के बाद कांग्रेस समर्थित जिला परिषद सदस्य ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और कांग्रेस नेता कुलदीप राठौर से भी मुलाकात की। पार्टी नेतृत्व ने सदस्यों को एकजुट रहने और चुनाव में तय रणनीति के अनुसार मतदान करने के निर्देश दिए हैं। उधर दूसरी ओर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मंगलवार को दिल्ली में थे, ऐसे में बुधवार को शिमला लौटने के बाद एक और बैठक होगी। बैठक में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा। उधर, भाजपा ने भी जिला परिषद में बहुमत होने का दावा कर कांग्रेस को चुनौती दी है। भाजपा का कहना है कि उसके पास पर्याप्त संख्या बल है और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव में अपनी ताकत साबित करेंगे।


इनसेट
क्रॉस वोटिंग बढ़ा सकती हैं मुश्किलें
भाजपा और कांग्रेस जहां अपने अपनी सरदारी की बात कर रही है। वहीं दूसरी ओर दोनों दलों को सदस्यों को एकजुट रखना बड़ी चुनौती है। अगर किसी भी दल से कोई नाराज होता है या फिर तय पद नहीं मिल पाता है तो ऐसे में क्रॉस वोटिंग हो सकती है और पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में इस परिस्थिति से निपटने के लिए दोनों दलों ने सदस्यों पर नजरें बनाई हुई हैं।
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कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल ने बताया कि उनकी पार्टी से ही अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुने जाएंगे। सभी सदस्य एकजुट हैं और पर्याप्त समर्थन हासिल है।

जिला भाजपा अध्यक्ष केशव चौहान ने बताया कि कांग्रेस के पास बहुमत नहीं है। चुनाव वाले दिन सब सामने आ जाएगा। कांग्रेस केवल झूठ बोलने का काम कर रही है।
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