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7वीं की छात्रा ने बताई मां की दरिंदगी, बाप की उम्र के शख्स से करवा रही थी शादी

Wed, 15 Feb 2017 08:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंबा
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सातवीं में पढ़ने वाली मासूम के लिए उसकी मां ही दुश्मन बन गई। स्कूल जाना बंद कर जबरन उसकी शादी करवाई जा रही थी। मासूम के ये खुलासे सुन पुलिस भी दंग रह गई। यह सनसनीखेज मामला हिमाचल के जिला चंबा का है।
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यहां शिक्षकों की होशियारी से शहर के एक वार्ड में सातवीं की छात्रा की शादी रुक गई। परिजन नाबालिग की जबरन शादी करवा रहे थे। लड़की की सगाई 35 साल के व्यक्ति से करवा दी गई और आने वाले दिनों में शादी की रस्म अदायगी होनी थी।

लड़की ने स्कूल जाना छोड़ दिया। शिक्षकों को होनहार छात्रा के स्कूल छोड़ने की भनक लगी तो वे उसके घर पहुंच गए। छात्रा से बातचीत करने पर उन्हें सारी बात पता चली। इस पर शिक्षकों ने महिला एवं बाल विकास विभाग और चाइल्ड हेल्प लाइन से संपर्क कर छात्रा का विवाह रुकवा दिया।
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मां ने की थी दूसरी शादी, अब जबरन बेटी की भी करवा रही थी  

मंगलवार को महिला एवं बाल कल्याण विभाग की टीम स्कूल पहुंची। टीम ने छात्रा और उसके परिजनों को जागरूक किया। छात्रा ने बताया कि उसके पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। उसकी मां ने हमीरपुर में दूसरी शादी कर ली है।

उसके सौतले भाई-बहन भी हैं। वह यहां अपने नाना-नानी और अपने भाई के साथ रहती है। नाना-नानी और उसकी मां बच्ची की शादी 35 साल के व्यक्ति से करना चाह रहे थे। उसने विरोध किया, लेकिन उसकी नहीं सुनी गई।

स्कूल के मुख्याध्यापक योगेश्वर हीर और डॉ. राजेश सहगल ने बताया कि यह छात्रा पढ़ाई में बहुत अच्छी है। उसने अचानक स्कूल आना बंद कर दिया तो उन्हें शक हुआ और पूरा मामला खुल गया। इस दौरान डीपीओ वीरेंद्र आर्य, सीडीपीओ राकेश कुमार चौधरी, बीना, निर्मला, विनोद कुमार, चाइल्ड हेल्पलाइन सदस्य नीता और रीता आदि मौजूद रहे। 
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पीड़ित बोली, अपने पांव पर खड़ा होना है मुझे

चंबा जिले में पिछले दो महीने के दौरान बाल विवाह से जुड़ा यह तीसरा मामला है। इससे पूर्व साहो क्षेत्र में ऐन मौके पर विभागीय टीम के पहुंचने से दूल्हा और बाराती भाग निकले थे। दूसरी बार शादी से एक दिन पूर्व चाइल्ड लाइन की टीम ने पहुंचकर बाल विवाह रुकवाया था। अब सातवीं की छात्रा की शादी का मामला सामने आया है।

छात्रा को तकलीफ नहीं आने देंगे : विभाग
डीपीओ वीरेंद्र आर्य ने बताया कि अध्यापकों की होशियारी से लड़की की शादी रुक पाई है। इसकी पूरी देखरेख अब विभाग करेगा। बच्ची को किसी तरह की तकलीफ नहीं आने दी जाएगी।

अपने पांव पर खड़ा होना है : पीड़ित
नाबालिग ने बताया कि वह पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती है। वह अभी शादी नहीं करना चाहती। उसके अभिभावक जबरन उसकी शादी करवाना चाहते थे।
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