हिमाचल के मंडी में पुलिस कांस्टेबल भर्ती से एक दिन पहले सड़कों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के फोटो स्टेट प्रमाण पत्र और रजिस्ट्री लेटर के लिफाफे बिखरे हुए मिले। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए हैं। पुलिस विभाग में पुरुष, महिला कांस्टेबल और चालक के 113 पदों के लिए शनिवार से मंडी शहर के पड्डल मैदान में भर्ती के लिए ग्राउंड टेस्ट शुरू होगा।
इसके लिए पुलिस ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। वहीं, भर्ती शुरू होने से एक दिन पहले आईटीआई चौक और बस स्टैंड के समीप सड़कों पर आवेदन करने वाले दर्जनों अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र और रजिस्ट्री लिफाफे बिखरे हुए मिले। आवेदन फार्म के साथ जिला के दूरदराज क्षेत्रों के अभ्यर्थियों ने डाक के माध्यम से जिला पुलिस मुख्यालय को भेजे हैं।
हालांकि, इसमें आवेदन फार्म और आईपीओ संलग्न नहीं है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय के आईटीआई चौक और बस स्टैंड के पास कई लोगों को ऐसे दस्तावेज सड़क पर पड़े मिले। इन पर कीचड़ भी लगा हुआ था। अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र सत्यापित किए गए हैं। आईटीआई चौक के पास मिले एक खुले बंडल में अधिकांश प्रमाण पत्र छात्राओं के हैं।
इनमें जोगिंद्रनगर के विभिन्न गांवों का पता लिखा हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्री कर आवेदन फार्म जिला पुलिस मुख्यालय भेजे हैं तो दस्तावेज और लिफाफे सड़कों पर कैसे गिरे? वहीं पुलिस का दावा है कि आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड पुलिस के पास हैं।
पुलिस के पास है सभी आवेदकों का रिकॉर्डः एसपी
पुलिस अधीक्षक मंडी मोहित चावला का कहना है कि 113 पदों के लिए जिला भर से साढ़े 19 हजार आवेदन फार्म जिला मुख्यालय को मिले हैं। इनमें 640 आवेदन फार्म मानकों को पूरा न करने पर रद्द किए गए। सभी आवेदनों का रिकॉर्ड पुलिस के पास है। आवेदन फार्म के साथ कोई दस्तावेज नहीं मांगे गए थे। दस्तावेज अभ्यर्थी को भर्ती के दौरान साथ में लाने होंगे।
डाक के माध्यम से कई अभ्यर्थियों ने प्रमाण पत्र भेजे थे, जो हमारे काम के नहीं थे। उन्हें भी संभाल कर रखा गया है। सभी आवेदकों को कॉल लेटर जारी किया गया है और जिन अभ्यर्थी का फार्म रिजेक्ट हुआ हैं उन्हें भी लेटर द्वारा सूचित किया गया है। खुले में मिले सत्यापित प्रमाण पत्रों को एकत्र करके जांच की जा रही है। जो दस्तावेज मिले हैं, उनमें सभी को कॉल लेटर जा चुके हैं।