महिला भाजपा नेता को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की जनसभा में धक्का देने और जातिसूचक शब्द कहने के आरोप के बाद भाजपा नेता बलदेव भंडारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
महिला नेता की शिकायत पर पुलिस ने बलदेव भंडारी के खिलाफ पच्छाद थाना में एससी, एसटी एक्ट के साथ आईपीसी की धारा 354 के तहत मामला दर्ज किया है। उधर, पच्छाद भाजपा मंडल बलदेव भंडारी के पक्ष में खड़ा हुआ है।
महिला नेता ने बलदेव भंडारी पर मुख्यमंत्री की रैली के दौरान मंच पर उन्हें धक्का देने और जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित करने के आरोप लगाए हैं। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ था।
उधर, सराहां में शुक्रवार को पच्छाद भाजपा मंडल ने प्रेस वार्ता में कहा कि बलदेव भंडारी पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र नेहरू, उपाध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता, मंडल महामंत्री अनूप शर्मा, चक्रधर भंडारी, भूपेंद्र ठाकुर, रीता ठाकुर, ललिता शर्मा, नरेंद्र गोसाईं, प्रकाश भाटिया, अशोक
कुमार, भूपेंद्र ठाकुर, सुनील ठाकुर, रमेश अत्री, मोहन दत्त, जगदीश अत्री और राजेश कुमार ने कहा कि बलदेव भंडारी को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। रैली में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर जनता का अभिवादन करते वक्त महिला नेता ने उन्हें धक्का दिया।
इस पर बलदेव भंडारी मुख्यमंत्री के ऊपर गिरने लगे। इस दौरान उन्हें हल्का सा धक्का लग गया। भंडारी ने किसी भी तरह के जातिसूचक शब्द नहीं कहे हैं। जो हुआ, वह चुनाव आयोग की वीडियोग्राफी में रिकॉर्ड है। विधानसभा चुनाव में महिला नेता को पार्टी विरोधी कार्य करने को लेकर पच्छाद मंडल ने उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की मांग की थी।