प्रदेश में बढ़ते साइबर क्राइम को रोकने के लिए सोमवार से स्कूलों में पुलिस विशेष सेमीनार लगाएगी। 17 से 24 अक्तूबर तक 18 हजार गांवों के बच्चों को साइबर क्राइम से निपटने के गुर सिखाए जाएंगे। रविवार को डीजीपी संजय कुमार ने पीएचक्यू में जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ किया।
प्रदेश में साइबर क्राइम के बढ़ते मामले रोकने को सीआईडी ने यह कवायद शुरू की है। पुलिस केंद्र की सी डेक संस्था से मिलकर एक बच्चा, एक परिवार कांसेप्ट में स्कूल-कॉलेजों के छात्रों को जागरूक करेगी। कोशिश की जाएगी कि बच्चों को फोन कॉल के जरिये होने वाली ठगी से बचने के टिप्स देकर उनके जरिये पूरे परिवार को बचाया जाए। शुरुआती दौर में ग्रामीण इलाकों के स्कूलों पर फोकस होगा।
डीजीपी संजय कुमार ने कहा कि समय के साथ तकनीक का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। ऐसे में तकनीक की पूरी जानकारी होना ही उसके कुप्रभावों से बचाव का रास्ता है। हाल के कुछ महीनों में प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के लोगों से साइबर ठगी की शिकायतें बढ़ी हैं। इसकी रोकथाम को नए सिरे से प्रयास शुरू किए हैं।
तीन चरणों वाले इस कार्यक्रम में पहले चरण से निकलने वाले परिणामों को अगले चरण में शामिल किया जाएगा। इस दौरान एडीजी पृथ्वीराज, एडीजी एसआर ओझा, आईजी जहूर जैदी, हिमांशु मिश्र, डीआईजी वीके धवन के अलाव सीडेक, जिला प्रशासन व सभी जिलों के एसपी और आईजी वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के जरिये शामिल थे।
इसलिए कारगर होगा अभियान
डीआईजी वीके धवन ने बताया कि हर स्कूल में बच्चों को साइबर क्राइम से बचने के टिप्स दिए जाएंगे। बताया जाएगा कि वे कैसे अपने परिवार के अन्य सदस्यों को ठगी से बचा सकते हैं। उम्मीद है कि इस अभियान के चलते वह ठगी की शिकायतों में कमी ला सकेगी।
सीडेक के एक्सपर्ट भी रहेंगे साथ
अभियान के दौरान हर स्कूल के हर बच्चे को ठगी से बचने के टिप्स लिखे पम्फलेट बांटे जाएंगे। सी डेक और सीआईडी, जिलों के एसपी, डीएसपी और अन्य अधिकारी हर स्कूल में जाकर बच्चों से सीधा संवाद भी करेंगे। इस दौरान बच्चों को फोन पर एटीएम या बैंक खाते की डीटेल साझा न करने की जानकारी दी जाएगी। बताया जाएगा कि अगर किसी ने डिटेल दे दी हो तो ठगी से बचने के लिए अगली कार्रवाई क्या करें।