फर्जी चेक से चूना लगाने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली में बैठकर चेक तैयार करने वाला अरशद अहमद निवासी मुस्तफाबाद को पुलिस ने दिल्ली की अपराध शाखा की सहायता से गिरफ्तार किया।
पीएनबी के कालाअंब शाखा प्रबंधक की शिकायत के बाद छानबीन में जुटी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मास्टर माइंड समेत गिरोह से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा है।
दरअसल पंजाब नेशनल बैंक की कालाअंब शाखा में एक एनजीओ की ओर से क्लीयरेंस को लगाया तीन करोड़ का चेक फर्जी निकला। यह चेक पीएनबी शाखा में एक एनजीओ के निदेशक ने नवंबर में क्लीयरेंस के लिए लगाया था।
ये है पूरा मामला
शाखा के मुख्य प्रबंधक रूपेश कुमार गुप्ता ने कालाअंब थाना में इसकी शिकायत दर्ज करवाई। 22 नवंबर को कालाअंब थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुप्त तरीके से इसकी छानबीन की।
मास्टर माइंड तक पहुंचने के लिए तमाम गिरफ्तारियां गुपचुप तरीके से हुईं और अदालत में पेश करने के बाद आरोपी रिमांड पर लिए गए। 24 नवंबर को इस मामले में हरियाणा के गुरप्रीत को गिरफ्तार किया गया।
उसने ही एनजीओ को तीन करोड़ रुपये को चेक दिया था। इसके बाद हरियाणा का अमरदीप झा और धर्मवीर सिंह निवासी उत्तर प्रदेश की गिरफ्तारी हुई। 26 नवंबर को पुलिस ने दिल्ली के डाक विभाग में कार्यरत राजेश पांडे को गिरफ्तार किया।
लैपटॉप और प्रिंटर कब्जे में लिया
उससे फर्जी ब्लैंक चेक और कुछ फर्जी पोस्टल दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।एएसपी डॉ. मोनिका की अगुवाई में मामले की जांच की गई। जबकि एसएचओ संजय कुमार ने जांच में मुख्य भूमिका निभाई। गिरफ्तार किए चारों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस फर्जी चेक गिरोह के मास्टर माइंड तक पहुंची।
एसपी सिरमौर रोहित मालपानी ने बताया कि आरोपी अरशद अहमद पर दिल्ली में पहले ही धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज है। मामले की छानबीन जारी है। फर्जी चेक गिरोह से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
बुधवार को सिरमौर पुलिस गिरोह के मास्टर माइंड अरशद अहमद को साथ लेकर दिल्ली गई। पुलिस ने बोरी में पैक कर नाली में फेंके लैपटॉप और प्रिंटर को बरामद कर कब्जे में ले लिया है। संभावना जताई जा रही है कि लैपटॉप से कई खुलासे हो सकते हैं।