कक्कड़हट्टी स्कूल और गांव के पेयजल टैंक में जहरीला पदार्थ मिलाने के मामले को लेकर पुलिस और शिक्षा विभाग ने जांच तेज कर दी है। मंगलवार को एसपी अंजुम आरा और जिला उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा चंद्रेश्वर शर्मा ने स्कूल का दौरा किया। इस दौरान आईपीएच की टीम भी मौके पर रही।
जांच में पाया गया कि जहरीला पदार्थ मिड डे मील की टंकियों में खासतौर पर डाला था। इसके अलावा स्कूल के ऊपर गांव को जाने वाले टैंक में भी जहरीला पदार्थ मिलाया है। ऐसे में पुलिस ने फिलहाल आईपीसी की धारा 277 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। कंडाघाट सीटीएल लैब से रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगामी कार्रवाई करेगी। आईपीएच ने संबंधित क्षेत्र के सभी वाटर टैंक साफ करने की कवायद शुरू कर दी है।
कक्कड़हट्टी पंचायत के दर्जनों गांवों में चार दिन तक पेयजल सप्लाई बाधित रह सकती है। जेई विवेक कुमार के अनुसार सभी टैंकों की सफाई शुरू कर दी है। इसके बाद दोबारा सैंपल चैक किए जाएंगे। इसके लिए चार दिन का समय लग सकता है। आईपीएच जल्द ही सभी टैंकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करेगा।
जिला के स्कूलों को निर्देश जारी: उपनिदेशक
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने बताया कि मामले की जांच पुलिस कर रही है। हर संभव सहायता पुलिस विभाग की जांच में दी जाएगी। स्कूल प्रबंधनों को निर्देश दिए गए हैं कि पानी की टंकियों को साफ रखें। साथ ही मिड डे मिल स्कूलों में टंकियां किचन शेड या स्कूलों के अंदर ही लगाने की व्यवस्था की जाएगी।
मामले की असलियत तक पहुंचेगी पुलिस
एसपी अंजुम आरा ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया है। पानी के सैंपल कंडाघाट लैब में भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस मामले में गंभीरता से जांच कर रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस मामले में तत्परता से जांच कर रही है। जल्द ही पुलिस मामले की असलियत तक पहुंचेगी।
स्कूल में उठी चौकीदार रखने की मांग
मौके पर पंचायत प्रधान सरस्वती देवी, रामेश्वर शर्मा, एसएमसी प्रधान रमेश ठाकुर, दलीप कुमार और दिनेश ठाकुर ने स्कूल की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। अभिभावकों ने अधिकारियों के समक्ष चौकीदार तैनात करने की मांग जोरशोर से उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि इस शरारत से सभी अभिभावक भयभीत हैं। अगर वाटर कैरियर और हेडमास्टर समझदारी न दिखाते तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसके बाद एसएमसी की बैठक प्रधान रमेश ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान संदिग्धों पर निगाह रखने का निर्णय लिया गया।