फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: कवियों ने कविताओं के जरिये सामाजिक कुरीतियों पर की चोट

विज्ञापन
विज्ञापन
गेयटी थियेटर में कवि सम्मेलन का आयोज
विज्ञापन

आस की उजास काव्य संग्रह का किया विमोचन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजभाषा हिंदी पखवाड़े के समापन पर भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला शिमला की ओर से सोमवार को गेयटी थियेटर के सम्मेलन कक्ष में जिला स्तरीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें कवियों ने कविताओं के माध्यम से समाज के बदलते परिवेश को श्रोताओं के समक्ष रखा और सामाजिक कुरीतियों पर चोट की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने की। सम्मेलन में जिला शिमला के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कवियों और कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी भाषा, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक सरोकारों को प्रभावी ढंग से सामने रखा। कार्यक्रम के दौरान साहित्यकार प्रोमिला भारद्वाज के काव्य संग्रह आस की उजास का विमोचन भी किया गया। सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर हिंदी भाषा की प्रकृति पर बदलाव विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया गया। इस दौरान वरिष्ठ कवि सुदर्शन वशिष्ठ ने शासकीय कार्यों की भाषा हिंदी और पूजा करतीं महिलाएं विषयों पर काव्य पाठ कर विचार साझा किए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कवि नारायण सिंह वर्मा ने पूछती हैं लाशें बेटियों की से सामाजिक चिंतन को स्वर दिया। डॉ. कौशल्या ठाकुर ने हिंदी भाषा पर कविता प्रस्तुत की, जबकि पवन शर्मा ने नजरअंदाज, रचना के जरिये सामाजिक ताने-बाने की तस्वीर पेश की। जया शर्मा ने मैं हिंदी हूं के माध्यम से हिंदी की महत्ता बताई। उमा ठाकुर ने हिंदी है हम रचना के माध्यम से भाषा के प्रति गौरव की भावना व्यक्त की। इसके अलावा कल्पना गांगटा, प्रोमिला भारद्वाज, इंदु परिहार, डॉ. अनीता शर्मा, नरेंद्र कुमार शर्मा, वंदना राणा, वसुंधरा धर्माणी और ओम प्रकाश शर्मा सहित अन्य कवियों ने भी विभिन्न रचनाओं का पाठ किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी में राजभाषा हिंदी के प्रति रुचि बढ़ती है और हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहन मिलता है। कवि सम्मेलन कवियों और लेखकों के उत्साहवर्धन का भी प्रभावी माध्यम है। इस अवसर पर भाषा एवं संस्कृति विभाग के सहायक निदेशक अनिल हारटा, जिला भाषा अधिकारी शिमला सरोजना नरवाल, भारतेंदु भारद्वाज, समयंतक भारद्वाज, देवेंद्र कुमार देव और शिवम ठाकुर उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें