मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी के मित्र व खोलान गांव निवासी टशी दवा अकसर उन्हें लाहौल की परेशानी को बताया करते थे। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस टनल को बनाने की 2000 में लाहौल में इसकी घोषणा की थी। इसके बाद जून 2002 में इसकी नींव रखी थी। जब वाजपेयी ने टनल की घोषणा की थी, उस समय भी वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ मौजूद थे।
लाहौल की बदल जाएगी तस्वीर
सीएम ने कहा कि अटल टनल से सफर शुरू होने से लाहौल घाटी की तस्वीर बदल जाएगी। घाटी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस क्षेत्र के कृषि बागवानी के साथ साथ कैश क्रॉप व फूल के व्यापार को भी पंख लगेंगे। चंबा के पांगी, किलाड़ तक इस टनल का प्रभाव देखने को मिलेगा।