पीएम ने चुराह विधानसभा क्षेत्र के इस पहनावे को विश्व पटल पर ख्याति दिलाने का काम किया है। अमर उजाला से मानदेई ने बताया कि चोला-डोरा तैयार करने के लिए उन्होंने कुछ अपनी भेड़ों और कुछ देशी भेड़ों की ऊन खरीदी। ऊन कातने के बाद इसका धागा तैयार किया गया। चोला बनाने में उन्हें एक वर्ष का समय लगा। अप्रैल 2021 में उन्होंने चोला बनाना आरंभ किया था। वहीं, नोखी देवी ने बताया कि उन्होंने देशी ऊन से 20 दिन में डोरा तैयार किया था। मानदेई ने बताया कि हथकरघा उद्योग को विकसित करने के लिए सरकार को अपने स्तर पर विशेष प्रयास करने चाहिएं, जिससे हरकरघा उद्योग से जुड़े कारीगरों को रोजगार मिल सके।
पीएम के लिए चंबा की नोखी देवी व मानदेई ने बनाया चोला-डोरा