पीएम मोदी के कुल्लू के तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर सवा तीन बजे ढालपुर के रथ मैदान पर पहुंचेंगे। रथ मैदान में देवताओं के देवलुओं के प्रवेश के लिए चार गेट बनाए गए हैं। सभी गेटों पर चेकिंग के बाद ही अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गुरदेव शर्मा ने कहा कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भुंतर से लेकर रथ मैदान तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है और करीब 300 सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही है। उल्लेखनीय है कि 1650 को अयोध्या से लाई गई भगवान रघुनाथ की मूर्ति के बाद ढालपुर में दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाता है। तब से लेकर जिले भर से सैकड़ों देवी देवता भगवान रघुनाथ की अध्यक्षता में मनाए जाने वाले कुल्लू दशहरा में शिरकत करते आ रहे हैं। 372 साल बाद भी सैकड़ों देवी-देवता ढालपुर में रघुनाथ के आगे नतमस्तक होंगे।
भीड़ को नियंत्रित करते दिखेंगे नाग धूमल
दशहरा में रथ मैदान में देवता नाग धूमल भीड़ को नियंत्रित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी भी देवता नाग द्वारा भीड़ नियंत्रित करने के नजारे को देख सकेंगे। नाराज होने पर कई बार नाग धूमल उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक के कार्यालय भी पहुंच चुके हैं। इस दौरान देवता को मनाना कारकूनों के लिए चुनौती भरा होता है।
रघुनाथ की ओर से पीएम को भेंट करेंगे फूलों की माला
दशहरा उत्सव में पहली बार शामिल हो रहे प्रधानमंत्री मोदी को भगवान रघुनाथ की ओर से भेंट स्वरूप फूलों की माला दी जाएगी। इस माला में जोत के फूल, लोसर, नेइयर, पीले जौ तथा रखाल का मिश्रण होगा। इस माला को सिर्फ देवी-देवताओं को ही चढ़ाया जाता है। वहीं, रघुनाथ की तरफ से मोदी को पवित्र दुपट्टा और फलों का प्रसाद भी दिया जाएगा। यह भेंट भगवान रघुनाथ के कारदार एवं छड़ीबरदार महेश्वर सिंह के पुत्र दानवेंद्र सिंह भेंट करेंगे। इसके लिए उन्होंने आरटीपीसीआर टेस्ट भी करवा दिया है। दशहरा में आ रहे प्रधानमंत्री मोदी से पूर्व सांसद महेश्वर सिंह नहीं मिल पाएंगे। वह रघुनाथ के प्रथम सेवक होने के साथ उनके छड़ीबरदार भी हैं। ऐसे में वह रघुनाथ की छड़ी को छोड़कर नहीं जा सकते हैं। वह सिर्फ दूर से ही पीएम का अभिवादन कर पाएंगे। महेश्वर सिंह ने कहा कि वह रघुनाथ की छड़ी को नहीं छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि पीएम मोदी कुल्लू दशहरा में रघुनाथ की रथ यात्रा में भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं।