प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर से चंबा के लिल्हकोठी न्यू मॉडल डिग्री कॉलेज के भवन का ऑनलाइन शिलान्यास किया। उन्होंने एक साथ 150 के करीब ऑनलाइन शिलान्यास और उद्घाटन किए। इस मौके पर पीएम ने प्रदेशवासियों को बधाई भी दी।
बचत भवन में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज, सांसद रामस्वरूप शर्मा, भरमौर से विधायक जियालाल समेत अन्य मौजूद रहे। उधर, कांग्रेस के पूर्व विधायक ठाकुर सिंह भरमौरी का आरोप है कि एक अगस्त 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह इस कॉलेज भवन का शिलान्यास कर चुके हैं।
कांग्रेस सरकार की जगह अब वर्तमान सरकार की शिलान्यास पट्टिका लगाना सरासर गलत है। बता दें कि कॉलेज की कक्षाएं अभी एक पूर्व पंचायत प्रधान के घर में चल रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत 12 करोड़ की लागत से बनने वाले डिग्री कॉलेज लिल्हकोठी के भवन की ऑनलाइन आधारशिला रखी। प्रदेश सरकार को 6 करोड़ की पहली किस्त मिल चुकी है।
विधायक जिया लाल ने बताया कि भवन निर्माण को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। भवन का निर्माण तय समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा कि भरमौर के लिए इतनी बड़ी धनराशि से डिग्री कॉलेज के भवन का निर्माण होना एक ऐतिहासिक कदम है।
बिलासपुर-मनाली-लेह रेल ट्रैक का चल रहा काम : मोदी
लेह-लद्दाख में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बिलासपुर-मनाली से होकर रेल मार्ग की दिशा में केंद्र सरकार प्रयास कर रही है। इससे दिल्ली से अगर लेह-लद्दाख आना हो तो ज्यादा समय नहीं लगेगा। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जनता को संबोधित करते हुए कही।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिलासपुर-मनाली से होकर लेह को रेल मार्ग से जोड़ा जाएगा, जिस पर केंद्र सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर-मनाली-लेह रेल लाइन बनने से जम्मू-कश्मीर के लेह-लद्दाख के साथ-साथ हिमाचल को भी लाभ होगा। पीएम ने कहा कि इस रेल लाइन के पहले चरण के सर्वे का काम पूरा हो चुका है, जबकि कई जगह इस ट्रैक पर काम भी शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि सर्दियों के मौसम में दिल्ली से लेह-लद्दाख पहुंचना मुश्किल होता है, जिसके चलते यहां की हवाई और रेल कनेक्टिविटी बेहतर करने पर काम हो रहा है। मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में इस साल जितने पर्यटक आए हैं, उनमें से आधे पर्यटक लेह-लद्दाख पहुंचे हैं। इससे यहां के लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान हुए हैं।