लद्दाख में दौलत बेग एयर स्ट्रिप में भी राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखी। ऐसे सामरिक महत्व के बड़े प्रोजेक्ट सालों तक लंबित रखे गए। यह देश की सुरक्षा से भी समझौता है। पीएम ने कहा कि आज नॉर्थ ईस्ट और अरुणाचल को जोड़ने वाले पुल का काम भी अटल जी ने शुरू किया था। यह भी लंबित रखा गया। 2014 के बाद इसे गति दी गई। बिहार के कोसी पुल के साथ भी ऐसा ही हुआ।
अब चाहे हिमाचल हो या कोई और क्षेत्र काम तेजी से चल रहे हैं। सड़क पुल आदि बन रहे हैं। आम लोगों के अलावा हमारे सेना के भाईयों को लाभ हो रहा है। देश की सुरक्षा करने वालों का ख्याल रखना हमारी प्राथमिकता है। वन रैंक वन पेंशन को भी इन लोगों ने पूरा नहीं किया। कागजों में ही दिखाया जाता रहा। मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमें अपने सामरिक सामर्थ को बढ़ाना है। अटल टनल इसी आत्मविश्वास का प्रतीक है।
पीएम नरेंद्र मोदी सोलंगनाला के लिए रवाना हो गए हैं। सोलंगनाला में पीएम भाजपा नेताओं को संबोधित करेंगे। संबोधन के बाद सासे हेलीपैड रवाना होंगे। सासे हेलीपैड से चंडीगढ़ के लिए निकलेंगे। चंडीगढ़ से वह हवाई जहाज से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी ने सिस्सू में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि लाहौल में पर्यटन की अपार संभावनाए हैं। टनल बनने से अब पर्यटकों के लिए अब चंद्रताल, त्रिलोकीनाथ, स्पीति घाटी दूर नहीं है। ताबो मठ तक पूरे विश्व की पहुंच आसान होगी। टनल से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। होम स्टे, गेस्ट हाउस, ढाबा, हैंडीक्राफ्ट से रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी ने सिस्सू में जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह टनल यहां रोजगार उपलब्ध कराएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने भारत की साख और धाक स्थापित की। यह देवभूमि और शौर्य की भूमि है। राजनाथ सिंह ने सोमनाथ, बत्रा आदि को याद किया।
सिस्सू में सीएम जयराम ठाकुर ने पीएम नरेंद्र मोदी को लाहौली टोपी पहनाई और थंका पेंटिंग भी भेंट की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को मंत्री और स्थानीय विधायक रामलाल मारकंडा ने लाहौली टोपी पहनाकर सम्मानित किया।
पीएम मोदी ने जिस बस को रवाना किया है उसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मित्र रहे टशी दावा के बेटे राम देव भी सवार हैं। टशी-अटल की दोस्ती भी इस सुरंग की बुनियाद रही है।
पीएम कुछ देर में सिस्सू पहुंचकर जनसभा करेंगे। इसके बाद वापस टनल से होते हुए सोलंगनाला पहुंचेंगे और भाजपा नेताओं को संबोधित करेंगे। दोपहर 2:05 बजे सासे हेलीपैड रवाना होंगे और यहां से 2:20 पर चंडीगढ़ के लिए निकलेंगे। चंडीगढ़ से 3:40 पर वह हवाई जहाज से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे और शाम 4:30 बजे दिल्ली पहुंचेंगे।
पीएम मोदी रोहतांग में अटल टनल के उत्तरी हिस्से पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अटल टनल से संबंधित हर एक बात की जानकारी लेने की कोशिश की।
पीएम नरेंद्र मोदी ने मुख्य अटल सुरंग में निर्मित अग्निरोधक आपातकालीन सुरंग का निरीक्षण किया।
पीएम मोदी ने कहा कि यह भी लंबित रखा गया। 2014 के बाद इसे गति दी गई। बिहार के कोसी पुल के साथ भी ऐसा ही हुआ। हिमालय क्षेत्र में चाहे हिमाचल हो या कोई और। काम तेजी से चल रहे हैं। सड़क पुल आदि बन रहे हैं। आम लोगों के अलावा हमारे सेना के भाईयों को लाभ हो रहा है। देश की सुरक्षा करने वालों का ख्याल रखना हमारी प्राथमिकता है। वन रैंक वन पेंशन को भी इन लोगों ने पूरा नहीं किया। कागजों में ही दिखाया जाता रहा। मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमें अपने सामरिक सामथ्र्य को बढ़ाना है। अटल टनल इसी आत्मविश्वास का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह सुरंग 3200 करोड़ खर्च कर बनाई गई है। यदि 20 साल और लगते तो यह खर्च कितना होता। अटल टनल की तरह ही अनेक प्रोजेक्टों के साथ यही व्यवहार हुआ। लद्दाख में दौलत बेग एयर स्ट्रिप में भी राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखी। ऐसे सामरिक महत्व के बड़े प्रोजेक्ट सालों तक लंबित रखे गए। पीएम ने कहा कि आज नॉर्थ ईस्ट और अरुणाचल को जोडऩे वाले पुल का काम भी अटल जी ने शुरू किया था।
पीएम मोदी ने कहा कि यह सुरंग देवधरा की उस बुद्ध परंपरा को समृद्ध करेगी जो दुनिया को रोशनी दिखाएगी। हिमालय का यह हिस्सा हो उधर रेगिस्तान का विस्तार हो या तटीय इलाके, ये सब देश की सुरक्षा करते हैं। यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि अटल की सरकार जाने के बाद इस काम को भुला दिया गया। जिस रफ्तार से सुरंग का काम उस समय हो रहा था, यह 2040 में पूरी होती। अटल टनल के काम में 2014 के बाद अभूतपूर्व तेजी लाई गई। पहले हर साल 300 मीटर सुरंग बन रही थी, हमने 1400 मीटर प्रति वर्ष कर दी। यूपीए सरकार होती तो छह साल का काम 26 साल में पूरा होता।
पीएम ने कहा कि अभेद्य पीरपंजाल को भेदकर यह संकल्प पूरा किया है। इंजीनियर, मजदूर सबको याद करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि यह टनल नए केंद्र शासित प्रदेश लेह लद्दाख की भी लाइफ लाइन बनने वाली है। मनाली और केलांग के बीच की तीन चार घंटे की दूरी कम हो जाएगी।
पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं संगठन का काम देखता था तो अटल जी यहां आते थे। एक दिन मैं और धूमल जी इस बात को लेकर उनके पास गए। हमारा सुझाव अटल जी का सपना बन गया। हम इसे समृद्धि के रूप में देख रहे हैं। पीएम ने कहा कि लोकार्पण की चकाचौंध में वह लोग पीछे रह जाते हैं जिनका योगदान रहा।
अटल टनल के लोकार्पण करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। यह अटल का सपना ही नहीं, हिमाचल और देश के लोगों का दशकों का इंतजार खत्म हुआ है। इसका लोकार्पण मेरा सौभाग्य का काम है।
रोहतांग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा सड़क संगठन ने निर्माण की अनुमानित लागत के भीतर अटल सुरंग का निर्माण पूरा किया। यह सुरंग हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों और सीमावर्ती क्षेत्रों के आसपास रहने वालों को समर्पित है।
हिमाचल प्रदेश के सीएम जय राम ठाकुर ने कहा कि 10,040 फीट की ऊंचाई पर इस सुरंग के निर्माण के बाद एक छोटे से राज्य हिमाचल प्रदेश को न केवल राष्ट्र में बल्कि पूरे विश्व में मान्यता मिली है। इतनी ऊंचाई की अभी तक कोई और सुरंग नहीं है।
टनल से मनाली और लेह के बीच दूरी 46 किमी कम हो गई है। मात्र डेढ़ घंटे में मनाली से केलांग पहुंच जाएंगे। टनल से सूबे के पर्यटन को भी गति मिलेगी।
टनल शुरू होने से अब लाहौल के लोग सर्दियों में बर्फबारी के चलते छह माह तक शेष दुनिया से नहीं कटेंगे। सेना इस मार्ग से चीन से सटी सीमा लद्दाख और पाकिस्तान से सटे कारगिल तक आसानी से पहुंच जाएगी।
पीएम मोदी के साथ चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल विपिन सिंह रावत भी हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी पीएम मोदी के साथ हैं।
उद्घाटन के बाद पीएम मोदी नॉर्थ पोर्टल में निगम की बस को हरी झंडी दिखाकर 15 बुजुर्ग यात्रियों को साउथ पोर्टल की तरफ रवाना किया। टनल से गुजरने के बाद नॉर्थ पोर्टल में सिस्सू झील के समीप चंद्रा नदी के बीच एक टापू में पीएम मोदी लाहौल के 200 लोगों को संबोधित करेंगे।
बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने पीएम मोदी को टनल के बारे में जानकारी दी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मनाली के सासे हेलीपैड पर पहुंचे। सासे हेलीपैड पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम जयराम ठाकुर ने उनका स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9.02 किलोमीटर लंबी अटल सुरंग का रिब्बन काटकर उद्घाटन किया जो मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ती है। पीएम मोदी ने टनल के साउथ पोर्टल पर उद्घाटन किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला अटल टनल के साउथ पोर्टल पर पहुंच गया है।
कोरोना काल में पीएम मोदी देश की तीसरी और अयोध्या के बाद दूसरी महत्वपूर्ण जनसभा लाहौल के सिस्सू में कर रहे हैं। यह जिला चीन शासित तिब्बत की सीमा पर है।
टनल में हर 150 मीटर की दूरी पर टेलीफोन सुविधा होगी। 60 मीटर पर हाइड्रेंट, हर 500 मीटर पर आपातकालीन निकास, प्रत्येक 2.2 किमी में वाहन मोड़ सकेंगे। हर 1 किमी में हवा की गुणवत्ता चेक होगी। हर 250 मीटर पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उद्घाटन के बाद पीएम मोदी नॉर्थ पोर्टल में निगम की बस को हरी झंडी दिखाकर 15 बुजुर्ग यात्रियों को साउथ पोर्टल की तरफ रवाना करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मनाली के सासे हेलीपैड पर पहुंच गए हैं। इससे पहले पीएम मोदी चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे। यहां से मनाली के सासे हेलीपेड के लिए रवाना हुए। सासे हेलीपैड पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम जयराम ठाकुर ने उनका स्वागत किया। पीएम सड़क मार्ग से धुंधी में साउथ पोर्टल पहुंचकर अटल टनल का उद्घाटन करेंगे। टनल से गुजरने के बाद नॉर्थ पोर्टल में सिस्सू झील के समीप चंद्रा नदी के बीच एक टापू में पीएम मोदी लाहौल के 200 लोगों को संबोधित करेंगे।
हिमाचल प्रदेश में मनाली-लेह मार्ग पर सामरिक महत्व की 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल रोहतांग का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण करेंगे। पीरपंजाल की पहाड़ी को भेद कर 3300 करोड़ की लागत से बनी यह टनल दुनिया की सबसे ऊंचाई (10040 फीट) पर हाईवे पर बनी है। टनल शुरू होने से अब लाहौल के लोग सर्दियों में बर्फबारी के चलते छह माह तक शेष दुनिया से नहीं कटेंगे। सेना इस मार्ग से चीन से सटी सीमा लद्दाख और पाकिस्तान से सटे कारगिल तक आसानी से पहुंच जाएगी। टनल से मनाली और लेह के बीच दूरी 46 किमी कम हो गई है। मात्र डेढ़ घंटे में मनाली से केलांग पहुंच जाएंगे। टनल से सूबे के पर्यटन को भी गति मिलेगी।