प्रदेश के नदियां और पेयजल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए मानसून से पहले खड्डों और नालों से कचरा हटाने की मुहिम शुरू की जाएगी। नदियों और पेयजल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सरकार ने इस दिशा में पहल कर दी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहरी विकास विभाग और स्थानीय निकाय की मदद से इन नदी नालों को साफ कराया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पर्यावरण दिवस पर नदियों और जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त करने का एलान किया था।
नालों का पानी नदियों में मिलता है। इस पानी को लोग सिंचाई और पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं। बरसात में जलजनित रोग फैलने की संभावना अधिक रहते हैं।
हिमाचल में अकसर बरसात के समय में पीलिया, डायरिया जैसे रोग पनपते हैं। डॉक्टर को लोगों को उबालकर पानी पीने की सलाह देते हैं। अश्वनी खड्ड में सीवर का पानी मिलने से नगर निगम ने शिमला को पानी उठाना ही बंद कर दिया था।
इन नदी नालों की होगी सफाई
राजधानी शिमला का लालपानी नाला, बद्दी में सरसा नदी, शिमला की अश्वनी खड्ड, चिकनी खड्ड, संधोली नाला, परवाणू का मुख्य नाले की सफाई होगी।