शहर के भट्ठाकुफर, खलीनी, कृष्णानगर में सफाई व्यवस्था ठप, लोअर पंथाघाटी में भी एनएच पर गंदगी
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एमसी के पार्षद बोले, कई बार कर चुके शिकायतें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले ही राजधानी के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था ठप हो गई है। भट्ठाकुफर, लोअर पंथाघाटी, खलीनी, कृष्णानगर समेत कई वार्डाें में दो से तीन दिन बाद भी सड़कों से कचरा नहीं उठाया जा रहा है। लावारिस कुत्ते और बंदर इस कचरे को सड़कों पर बिखेर रहे हैं। इन वार्डाें में नाले भी कचरे से भरे पड़े हैं। इस पर नगर निगम के पार्षदों ने भी सवाल उठा दिए हैं।
पार्षदों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा। भट्ठाकुफर से कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि उनके वार्ड में एनएच पर कई दिन से कचरे के ढेर लगे हैं। हालत यह है कि यहां पैदल चलना तक मुश्किल हो रहा है। सैहब सोसायटी के कर्मचारी रोजाना सुबह घरों से कूड़ा उठाते हैं लेकिन कलेक्शन सेंटर से इस कचरे को नहीं उठाया जा रहा। शिकायत के बावजूद यहां नियमित सफाई नहीं हो रही। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि साथ लगती पंचायतों के लोग भी यहां कचरा फेंक रहे हैं। यही हाल मल्याणा, लोअर पंथाघाटी, कनलोग, लोअर खलीनी और कृष्णानगर वार्ड का है। कृष्णानगर वार्ड में नाले कचरे से बंद हो गए हैं। पार्षद बिट्टू कुमार के अनुसार नगर निगम को नालों की सफाई के निर्देश देने चाहिए। पूर्व पार्षद पूरनमल का कहना है कि खलीनी में कई जगह जंगलों और रिहायशी कालोनियों में कचरे के ढेर लगे हैं।
पंचायती क्षेत्र के लोग फेंक रहे कचरा
भट्ठाकुफर, मैहली, मल्याणा, पंथाघाटी में पंचायती क्षेत्र के लोग एनएच पर कचरा फेंक रहे हैं। इसे उठाने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम ने शहर से सटे पंचायती क्षेत्रों में घरों से कूड़ा उठाने की सुविधा देने की बात भी की थी लेकिन लोग शुल्क नहीं देना चाहते। इसके बावजूद निगम यहां से नियमित कूड़ा उठा रहा है। आने वाले दिनों में लोगों से फिर से इस मुद्दे पर बात की जाएगी। -सुरेंद्र चौहान, महापौर नगर निगम शिमला