हिमाचल के सरकारी स्कूलों में तैनात 500 से अधिक पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) के वेतन में दिसंबर महीने से कटौती शुरू हो जाएगी। शिक्षकों को पहली दिसंबर को मिलने वाली नवंबर महीने की तनख्वाह करीब दो हजार रुपये कम मिलेगी।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने पे फिक्सेशन करते हुए पीजीटी का वेतन घटाने का फैसला लिया है। ट्रिब्यूनल से स्टे लेने वाले करीब दो दर्जन शिक्षकों को फिलहाल वेतन कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा।
वीरवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रिंसिपलों को वेतन कटौती के आदेश कर दिए हैं। वेतन कटौती का सामना करने वाले शिक्षकों की सर्विस बुक में भी इसकी एंट्री की जाएगी।
शिक्षा निदेशालय ने न्यूनतम पे बैंड लागू करने को हिमाचल के सिविल सर्विस नियमों का हवाला देते हुए वेतन कटौती के आदेश जारी किए हैं। वित्त महकमे की अधिसूचना को शिक्षा विभाग ने गलत तरीके से लागू कर दिया था।
शिक्षकों से नहीं होगी रिकवरी, पर घटेगा वेतन
इस गलती को चार साल बाद निदेशालय ने सुधारते हुए पीजीटी का वेतन घटाया है। निदेशालय ने सभी डीडीओ को आदेश जारी कर इन शिक्षकों की सर्विस बुक में संशोधन करने को कहा है।
बता दें कि शिक्षा विभाग ने शिक्षकों से रिकवरी नहीं करने का फैसला लिया है। भविष्य में पे फिक्सेशन सही करने के लिए वेतन घटाया जा रहा है। न्यूनतम पे बैंड लागू होने से पीजीटी का करीब दो हजार रुपये तक वेतन घट जाएगा।
यह है मामला...
एक अक्तूबर 2012 के बाद नियमित होने वाले 543 पीजीटी का वेतन घटाया गया है। अनुबंध आधार और पैरा टीचर पॉलिसी 2003 के तहत अक्तूबर 2012 के बाद प्रवक्ताओं को पे स्ट्रक्चर 10300-34800 जमा 4200 रुपये ग्रेड पे पर नियुक्त किया गया था।
इन्हें इनिशियल स्टार्ट 16290 रुपये दिया था। अब उच्च निदेशालय ने स्टेट सिविल सर्विस नियम 2012 के नियम 5(2) का हवाला देते हुए पीजीटी को न्यूनतम पे बैंड 10300 जमा 4200 रुपये ग्रेड पे पर फिक्स किया है। अब पीजीटी को 14500 रुपये पर फिक्स किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बच गई रिकवरी
पोस्ट ग्रेजुएट टीचरों से शिक्षा विभाग रिकवरी नहीं करेगा। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को आधार बनाकर शिक्षा विभाग ने यह फैसला लेते हुए शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। अगर शिक्षकों से रिकवरी होती तो प्रति शिक्षक अक्तूबर 2012 से रिकवरी होनी थी।
वेतन कटौती बचाने के लिए जाना होगा ट्रिब्यूनल
पे फिक्सेशन होने के बाद हुई वेतन कटौती के आदेशों को हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में चुनौती देने वाले शिक्षकों राहत मिली है। ट्रिब्यूनल के यह आदेश सिर्फ इन्हीं शिक्षकों पर लागू होंगे। अन्य शिक्षकों को वेतन कटौती से बचने के लिए ट्रिब्यूनल ही जाना पड़ेगा।