हिमाचल में वीरवार को भले ही अधिकतर बैंकों में पुराने नोट नहीं बदले गए हो, दिनभर मारामारी रही हो, लेकिन कुछ लोगों ने दान-पुण्य के जरिये बड़ी आसानी से पुराने नोट खपा दिए। उन्हें न तो बैंकों में लाइनों में लगना पड़ा और न ही कोई आयकर प्रूफ देना पड़ा। हिमाचल के प्रसिद्ध शक्ति चिंतपूर्णी, नयना देवी, बज्रेश्वरी, ज्वालाजी और चामुंडा मंदिर में लाखों के हिसाब से 500 और एक हजार से पुराने नोट चढ़ाए गए।
नयना देवी मंदिर में 500 और 1000 के नोटों के बंद होने के बाद भी इन नोटों को दान के रूप में चढ़ाया जा रहा है। लोग अभी दानपेटियों में 500 और हजार रुपये के नोट चढ़ा रहे हैं। श्री नयना देवी में बुधवार के चढ़ावे में एक हजार रुपये के 34 नोट निकले।
जबकि 500 के 168 नोट लोगों ने दान पेट्टी में डाले थे। चिंतपूर्णी मंदिर में 1000 के 81 नोट और 500 से 436 नोट चढ़ाए गए। वीरवार को कुल चार लाख 86 हजार रुपये के पुराने नोट मंदिर प्रशासन ने अलग किए हैं।
इन्हें मंदिर प्रशासन अब बैंकों में जमा कर नए नोट लेगा। प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी में नए पुराने कुल 2.5 लाख रुपये चढ़ाए गए। कांगड़ा मंदिर में भी 1 लाख रुपये और चामुंडा मंदिर में भी एक लाख रुपये से चढ़ावा चढ़ावा श्रद्धालुओं ने चढ़ाया गया है। श्री नयना देवी मंदिर अधिकारी मदन चंदेल ने बताया कि मंदिर में बुधवार और वीरवार को चढ़ावे के रूप में दान पेट्टियों पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट निकले हैं। इन्हें बदलवाया जाएगा।