नाटक का मंचन कर दिया नशे से दूर रहने का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। भैयादूज पर पीरन में जुन्गा देवता के नाम पर अतीत से मनाया जाने वाला पारंपरिक मेला मंगलवार को संपन्न हो गया। समापन समारोह में पद्मश्री विद्यानंद सरैक ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
मेले में मशोबरा के अलावा सिरमौर जिले से आए सैकड़ों लोगों ने शिरकत की। कार्यक्रम में लोक नाट्य उत्सव का आयोजन किया गया। इसमें महासूवी सांस्कृतिक कला मंच के कलाकारों ने सिंहटू नृत्य के अतिरिक्त पहाड़ी लोकगीत गााकर वाहवाही बटोरी। कला मंच के कलाकारों ने दीप नृत्य जोलो पाणी से दीवे... गीत गाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज किया।
सिरमौर के परात नृत्य की झलक भी लोगों को देखने को मिली। लोक गायिका बिमला चौहान ने कुल्लू वाली शाॅल लाई दे पहाड़ी गीत गाकर वाहवाही बटोरी। कलाकारों ने साहिब चपरासी और रिड़कुआ पशीड़ुआ लघु नाटिका का मंचन कर नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस मौके पर मेला समिति के प्रधान अतर सिंह ठाकुर, जोगिंद्र हाब्बी, पूर्व प्रधान दयाराम वर्मा, दौलत राम मेहता, प्रकाश वर्मा, मोहन वर्मा, नेत्र सिंह ठाकुर, चुन्नी लाल ठाकुर, सुरेंद्र सोडी, कृष्ण दास शर्मा, रामगोपाल मेहता, जबर सिंह ठाकुर, सुरेश शर्मा, जयानंद शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले स्थानीय लोगों ने ढोल नगाड़ों और शहनाई की धुन पर शोभा यात्रा निकाली। महासुवी सांस्कृतिक दल के प्रभारी रामलाल वर्मा, गोपाल हाब्बी, संदीप कुमार, हंसराज, दिनेश कुमार, मनमोहन सिंह, बिमला चैहान, सरोज कुमारी, अनुजा, आरती और ज्योति आदि कलाकारों ने मेले में समां बांधा।