कोविड एडवाइजरी की आईजीएमसी में उड़ रहे धज्जियां, डीडीयू और केएनएच में भी नहीं हो रहा है अमल
दवाओं की दुकानों पर भी उमड़ रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश में कोरोना के मामले आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त एडवाइजरी जारी की थी लेकिन सरकारी अस्पतालों में हालात अभी भी खराब हैं। शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) और दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल में कोविड नियमों का पालन नहीं हो रहा।
आईजीएमसी में शनिवार को ओपीडी, इमरजेंसी और जनरल वार्ड में बड़ी संख्या में मरीज तथा उनके तीमारदार बिना मास्क के घूमते रहे। अस्पताल परिसर में कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। मरीज एक-दूसरे के साथ सटकर बैठ रहे हैं। क्रस्ना लैब और दवा की सरकारी दुकानों में लोग कोविड नियमों का पालन नहीं कर रहे। आईजीएमसी में हाल ही में कोविड से निपटने को लेकर एक विशेष बैठक हुई थी। इसमें 150 बेड का आइसोलेशन वार्ड फिर से तैयार रखने और संक्रमण नियंत्रण समिति को सक्रिय करने का फैसला लिया था।
अस्पताल प्रशासन का दावा है कि सभी तैयारियां पूरी हैं और स्टाफ को संक्रमण से बचाव का दोबारा प्रशिक्षण दिया जाएगा लेकिन जमीन पर इन दावों का असर नहीं दिख रहा है। कमला नेहरू और दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भी यही स्थिति है। इन दोनों अस्पतालों में न तो मरीज और न ही अस्पताल स्टाफ कोविड नियमों का पालन कर रहा है। कई जगह डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी बिना मास्क के काम कर रहे हैं। कुछ कर्मचारियों ने मास्क खरीद रखे हैं लेकिन वह गले में लटकाए हैं।
दीवारों तक सीमित रह गए जागरुकता पोस्टर
स्वास्थ्य विभाग की सख्त एडवाइजरी के बाद उम्मीद थी कि कोविड नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाएगा लेकिन शिमला के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में लापरवाही का माहौल बना हुआ है। अस्पतालों में मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और बार-बार हाथ धोने के संदेश दीवारों तथा पोस्टरों तक ही सीमित रह गए हैं। न अस्पताल प्रशासन इस पर सख्ती दिखा रहा है और न ही मरीजों और तीमारदारों में कोई जागरूकता दिख रही है।