बोले, पेंशनरों को नहीं मिला है कम्युटेशन और ग्रेच्युटी भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति और हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने लंबित वित्तीय लाभों को लेकर प्रदेशभर में 16 मार्च को उपायुक्त कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।
पेंशनरों ने सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया है। संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने बताया कि प्रदर्शन में एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स के साथ हो रहे भेदभाव का विरोध किया जाएगा। पेंशनर्स नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस अवधि में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अभी तक कम्युटेशन, लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और 13 प्रतिशत डीए का भुगतान नहीं किया है। इसके अलावा दो वर्षों से चिकित्सा बिलों का भी भुगतान लंबित है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के पेंशनर्स को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है, जबकि बिजली बोर्ड में भी ओल्ड पेंशन स्कीम लागू नहीं की जा रही है।
नेताओं ने बताया कि 16 मार्च को होने वाले इस सांकेतिक धरने में संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े 18 संगठन भाग लेंगे। जिला संयोजक मोहन ठाकुर और जिला अध्यक्ष भाग चंद चौहान ने जिला शिमला के सभी पेंशनर्स से उपायुक्त कार्यालय के बाहर होने वाले प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बजट सत्र के दौरान भी सरकार पेंशनर्स की लंबित देनदारियों का समाधान नहीं करती है तो 30 मार्च को प्रदेशभर के पेंशनर्स की विशाल रैली निकालकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसमें प्रदेश के सभी जिलों से पेंशनर्स शामिल होकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।