बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स (बीओसीडब्ल्यू) योजना के तहत प्रदेश भर के श्रम कार्यालयों में पंजीकृत कामगार भी पेंशन का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए तीन वर्ष से कामगार योजना के तहत श्रम कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य होगा। पेंशन का लाभ अर्जित करने के लिए कामगारों को श्रम कार्यालय में योजना के तहत फार्म भरना होगा।
इतना ही नहीं, पांच वर्षों के बाद कामगारों को मिलने वाली पेंशन में वृद्धि भी होना आरंभ हो जाएगी। बीओसीडब्लयू योजना के तहत पेंशन का प्रावधान करने का मुख्य मकसद कामगारों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। जिला चंबा में बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स एक्ट के तहत 12 हजार 382 कामगार वर्तमान समय में श्रम कार्यालय में पंजीकृत हैं।
12 हजार 382 पंजीकृत कामगारों में 8284 निजी कार्यों में लगे कामगार और 4082 मनरेगा वर्कर भी शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की ओर से कामगारों के लिए कई प्रकार की स्कीमें चलाई गई हैं। इसी क्रम में श्रम कार्यालय में पंजीकृत कामगार पेंशन का लाभ भी हासिल कर सकते हैं।
बशर्ते, तीन वर्षों से कामगार श्रम कार्यालय में बीओसीडब्लयू योजना के तहत पंजीकृत होना चाहिए। पेंशन हासिल करने के लिए कामगार को मात्र एक फार्म भर कर कार्यालय में जमा करवानी होगी।
इसके बाद 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर कामगार को हर माह 500 रुपये पेंशन के रूप में मिलेेंगे। इसके अलावा पांच वर्षों तक लगातार पंजीकृत रहने के बाद कामगार की पेंशन में प्रति वर्ष 20 रुपये की वृद्धि होती रहेगी। इस योजना के तहत इस प्रकार का प्रावधान होने से कामगार भी पेंशन हासिल करने वालों में शुमार हो गए हैं।
इन कामगारों को मिलेगा लाभ- भवन निर्माण करने वाले श्रमिक, मार्गों, सड़कों, रेलवे, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, जल निकास कार्य, विद्युत उत्पादन, पोषण एवं वितरण, विद्युत लाइन बिछाने वाले श्रमिक, बांध, नहर, जलाशय, सुरंग, पुल-पुलिया, पाइप लाइन, टावर निर्माण कार्य व मरम्मत करने वाले श्रमिक, निजी ठेकेदारों के अधीन कार्य करने वाले और मनरेगा में काम करने वाले कामगार भी बीओसीडब्लयू के तहत पंजीकरण करवा सकते हैं।
जिला श्रम अधिकारी आरके शर्मा ने बताया कि बीओसीडब्ल्यू योजना के तहत विभागीय कार्यालय में पंजीकृत कामगारों के लिए कई प्रकार की स्कीमें चलाई गई हैं। योजना के तहत पंजीकृत कामगार पेंशन के हकदार भी बन सकते हैं। श्रमिकों का इसका लाभ उठाना चाहिए।