हिमाचल के साढ़े अठारह लाख राशनकार्ड धारक परिवारों को सस्ता राशन उपलब्ध करवाने वाली सरकार के दावों की पोल खुल रही है। दो महीने से उपभोक्ताओं को एक साथ डिपो में सस्ता राशन नहीं मिल रहा है।
इस महीने राशन कोटे में उपभोक्ताओं को न तो तेल मिला है और न ही तीन दालें। कई डिपो में चीनी गायब है। जहां है, इन डिपो में उपभोक्ताओं को पिछले महीने का चीनी कोटा दिया जा रहा है।
सरकार को सत्ता संभाले तीन महीने हुए हैं। पहले महीने में खाद्य वस्तुओं के वितरण को लेकर सचिवालय में अफसरों की बैठक हुई। इसमें खाद्य आपूर्ति मंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए थे कि उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाला राशन उपलब्ध करवाएं।
महीने के पहले सप्ताह में हर डिपो में सप्लाई पहुंचनी चाहिए। हालत यह है कि बीते दो महीनों से सस्ते राशन की व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है।
सरकार सब्सिडी पर देती है दालें, तेल और चीनी
केंद्र सरकार हिमाचल के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को आटा और चावल सब्सिडी पर दे रही है, जबकि तीन दालें, चीनी और दो तेल प्रदेश सरकार अपने स्तर पर सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है।
बाजार मूल्य की अपेक्षा यह राशन उपभोक्ताओं का 40 से 50 फीसदी सस्ते दाम पर मिलता है। ऐसे में लोगों को महीने के पहले सप्ताह में इस राशन का इंतजार रहता है।
तेल के टेंडर कर लिए हैं। दालें डिपो में पहुंचाई जा रही हैं। कुछेक डिपो में राशन नहीं पहुंचा होगा। दालों के टेंडर कर दिए हैं। जल्द डिपो में सारा राशन का सामान उपलब्ध होगा।
- ओंकार शर्मा, प्रधान सचिव खाद्य आपूर्ति