प्रदेश भर में आयोजित पटवारी भर्ती की लिखित परीक्षा सवालों के घेरे में है। करीब 100 अभ्यर्थी परीक्षा ही नहीं दे पाए। कांगड़ा जिले के धीरा में निजी स्कूल में बनाए केंद्र के एक कमरे में प्रश्न पत्र देरी से मिलने पर अभ्यर्थियों ने हंगामा कर दिया। ओएमआर शीट लेकर अभ्यर्थी बाहर निकल गए और नारेबाजी करने लगे।
यहां तक की कुछ अभ्यर्थियों ने आंसर शीट फाड़ दी। माहौल बिगड़ता देख प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस फोर्स मंगवानी पड़ी। बाद में माहौल तो शांत कर दिया, लेकिन 50 से 60 अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी। उधर, हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी जिले के केंद्रों से भी शिकायतें आईं। मैथ के दो प्रश्न भी गलत बताए जा रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि इस केंद्र की धरातल मंजिल में उम्मीदवारों को 11:30 बजे ओएमआर सीट्स मिली और पौने 12 बजे तक प्रश्न पत्र ही नहीं दिए। धीरा के एसडीएम केंद्र में पहुंचे तो अभ्यर्थियों ने उनके सामने भी नारेबाजी की। अभ्यर्थियों की मांग थी कि परीक्षा दोबारा करवाई जाई। परीक्षा केंद्र अधीक्षक बलविंद्र सिंह ने बताया कि प्रश्न पत्र वितरित करने में देरी तो हुई थी। जब प्रश्न पत्र बांट रहे थे तो कुछ परीक्षार्थी हल्ला मचाने लग पड़े।
राजस्व विभाग की गलती पटवारी भर्ती लिखित परीक्षा देने वाले 40 अभ्यर्थियों पर भारी पड़ी। राजस्व विभाग ने नगरोटा बगवां उपमंडल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला एरला को 64 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र बनाया था, लेकिन 40 अभ्यर्थियों को जो रोल नंबर जारी किया था, उसमें परीक्षा केंद्र का नाम जीएसएस अरला लिखा था।
अरला पालमपुर उपमंडल में एक हाई स्कूल है। 40 अभ्यर्थी वहां परीक्षा देने पहुंच गए, जबकि अरला स्कूल में परीक्षा केंद्र था ही नहीं। इसलिए उन्हें बिना परीक्षा दिए लौटना पड़ा। उधर, एरला स्कूल में 64 में से 24 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने आए। एसडीएम नगरोटा बगवां शशिपाल नेगी ने कहा कि परीक्षा केंद्र राजस्व विभाग ने आवंटित किए है। इस बारे में रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी है।