विलाप करते मृतक महिला के परिजन
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प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में डॉक्टरों की लापरवाही से एक महिला मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पित्त की पथरी के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों से गलती से नस में सुई लग गई। इसके बाद ज्यादा रक्त स्राव होने से मरीज ने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि गंभीर हालत होने पर भी डॉक्टरों ने उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी। मरीज को आनन-फानन में आईसीयू में शिफ्ट किया गया। परिजनों ने इलाज के दौरान कोताही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिमला जिले के ठियोग की नीता देवी (51) आईजीएमसी में 11 जून को पित की पथरी का इलाज कराने पहुंची। सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने उसे ऑपरेशन की सलाह दी। इस बीच टेस्ट हुए और गुरुवार को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया।
महिला की बहन रमा ने बताया कि डॉक्टर से नीता के खून की नस में सुई चुभ गई, जिससे ब्लीडिंग शुरू हो गई और बीपी भी कम हो गया। डॉक्टरों को गलती का अहसास हुआ तो आनन-फानन में मरीज को आईसीयू में लाया गया।
यहां पर भी हालत नाजुक बनी रही। पंद्रह यूनिट खून चढ़ाया गया और ब्लीडिंग रोकने के लिए दोबारा ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया, लेकिन शुक्रवार दोपहर बाद आईसीयू में मरीज की मौत हो गई।
रमा ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही ने उसकी बहन की जान ले ली। वहीं, महिला के जेठ तारा चंद ठाकुर ने कहा कि शुक्रवार सुबह डॉक्टरों ने उन्हें बुलाया था और कहा कि यह जो हुआ वह जानबूझ कर नहीं हुआ।