प्रदेश के कुछ जिलों के ब्लॉकों में पहली और तीन अक्तूबर से प्राथमिक सहायक शिक्षकों को मानदेय वृद्धि दे दी गई है। अब नया फैसला आने के बाद इन शिक्षकों से रिकवरी की जाएगी। कितने शिक्षकों को वित्तीय लाभ जारी हुए हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इसका ब्यौरा जिलों से तलब किया है।
सीएम, शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
अखिल भारतीय अस्थाई अध्यापक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चौहान और राष्ट्रीय प्रेस सचिव चंदन नेगी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। महासंघ का कहना है कि 21500 मानदेय पर तीन प्रतिशत वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू होनी चाहिए थी।
मानदेय वृद्धि के लिए एक साल का इंतजार करना आवश्यक नहीं रहता है। उन्होंने बताया कि वेतन पर इंक्रीमेंट एक साल बाद लगती है जबकि मानदेय पर वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू होती है। पैट को पहले भी मानदेय वृद्धि अधिसूचना जारी होने के तत्काल बाद मिलती आई है।