इससे पहले सलारिया स्टेडियम में उस वक्त खामोशी छा गई। जब राष्ट्र ध्वज तिरंगे और लाल रंग के कपड़े में लिपटी गीता को लिए निशान रक्षक टोली ने दाहिने द्वार से स्टेडियम में प्रवेश किया। स्टेडियम में मौजूद सभी लोगों ने आदर से खड़े होकर तिरंगे और गीता को नमन किया और उन्हें साक्षी मान कर सभी 223 जवानों ने देश पर मर-मिटने और सच्चे मन से देश व संविधान की रक्षा करने की शपथ ली। प्रशिक्षण केंद्र के धर्मगुरु पंडित रामबनी पाठक ने जवानों को शपथ दिलाई।
राइफलमैन पवन को सर्वश्रेष्ठ रेक्रूट का खिताब- प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों जैसे रण कौशल, शिक्षा, फायरिंग, बाह्य व आंतरिक विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को पुरस्कृत किया गया। राइफलमैन पवन शर्मा को सर्वश्रेष्ठ रेक्रूट के खिताब से नवाजा गया और उन्हें चांदी की खुखरी भेंट की गई।
इस दौरान 14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र के बैंड की मधुर धुनों और खुखरी नृत्य का भी लोगों ने आनंद उठाया। इस मौके पर नेपाल और देश के विभिन्न भागों से अपने लाडलों की परेड को देखने आए जवानों के परिजन स्वयं को बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। इस मौके पर प्रशिक्षण केंद्र के समस्त सैन्य अधिकारी, जेसीओज और जवान मौजूद थे।