परवाणू ट्रक और कैंटर यूनियन ने डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद किराया भाड़े में 4 फीसदी बढ़ोतरी कर दी है। बढ़ी दरें त्वरित प्रभाव से लागू हो गई हैं। इस फैसले से जहां नोटबंदी की मार झेल रहे उद्योग जगत को झटका लगेगा वहीं भवन निर्माण आदि के लिए संबंधित मालवाहक वाहनों से ढुलाई भी महंगी होगी।
यूनियन ने यह फरमान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि औद्योगिक संघ के साथ हुए करार के तहत यदि डीजल का रेट तीन रुपये से अधिक बढ़े तो किराये में बढ़ोतरी कर दी जाएगी। इससे पहले 1-11-2016 को डीजल चार 4 रुपये से अधिक महंगा हो गया था। लिहाजा छह फीसदी किराया बढ़ाया गया था। इस ढाई माह के अंतराल में तीन रुपये से अधिक डीजल की कीमत बीच बीच में बढ़ी है।
परवाणू में ट्रकों व कैंटर के किराये बढ़ोतरी का असर सीधे सीधे उद्योग जगत पर पड़ेगा। परवाणू में स्थित छोटे बड़े करीब 400 उद्योग इससे प्रभावित होंगे। वहीं रूटीन की ढुलाई भी बढ़ेगी। जिसमें उत्पादित वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है। कैंटर व ट्रक यूनियन में करीब पांच सौ से अधिक मालवाहक वाहन हैं।
प्रधान ट्रक-कैंटर ऑपरेटर यूनियन हरदीप बाबा ने 4 फीसदी किराये में बढ़ोतरी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक संघ के साथ एक तय फार्मूले के तहत अनुबंध है। जिसमें 3 रुपये डीजल की कीमत बढ़ने पर किराये में बढ़ोतरी होती है।
तुलनात्मक विवरण
स्टेशन पहले अब बढ़ोतरी
दिल्ली 13000 13600 600
अंबाला 6500 6800 300
लखनऊ 28900 30100 1200
चंडीगढ़ 4700 4900 200
शिमला 8800 9200 400
मुंबई 48000 49900 1900