वह करीब 6 घंटे पढ़ाई करते थे। यह रोजाना नहीं होता था, जब उनका मन करता था, तभी वह इतने समय पढ़ाई करते थे। परीक्षा आते ही वह पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगा देते थे।
पार्थ के अनुसार वह अब एक अच्छे कॉलेज से बीटेक करना चाहते हैं। टॉप करने के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से पार्थ को उनके माता-पिता सहित स्कूल में सम्मानित किया गया। स्कूल प्रबंधन ने उनके माता-पिता और पार्थ को बधाई दी।
पार्थ की इस कामयाबी पर स्कूल प्रबंधन सहित उनके माता-पिता ने उनका मुंह भी मीठा करवाया। इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल ईजाबेला एगनिस, फादर स्टिफन, अध्यापक राज, अनुज बख्शी, रविंद्र, कुलदीप गौतम और चंद्रेश्वर शर्मा सहित अन्य अध्यापक मौजूद रहे।