क्षेत्रीय अस्पताल में आने के बाद पार्किंग के लिए यहां वहां भटकते हैं तीमारदार और मरीज
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गेट पर मरीज उतार कर लौटा दिए जाते हैं वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) क्षेत्रीय अस्पताल शिमला में उपचार करवाने आने वाले मरीजों और तीमारदारों को पार्किंग न मिलने से परेशानी झेलनी पड़ती है। अस्पताल के मुख्य गेट पर मरीज को उतार कर निजी वाहनों को लौटा दिया जाता है। इसके बाद तीमारदार को पार्किंग के लिए यहां वहां भटकना पड़ता है।
परिसर में निजी वाहनों को जाने की अनुमति विशेष परिस्थितियों में ही दी जाती है। मरीज के साथ यदि एक ही तीमारदार आया हो तो मरीज को तीमारदार के गाड़ी को पार्क कर लौटने तक इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल परिसर में मरीजों को लेकर आने वाले निजी वाहनों को पार्क करने के लिए कोई जगह नहीं है। अस्पताल के नए भवन में ओपीडी के नीचे के दो फ्लोर में स्टाफ, चिकित्सकों के वाहन और सामान रखा जाता है। कुछ जगह पर दुकानें बनी हैं। मरीजों को लेकर आने वाले तीमारदारों को वाहन को गेट के सामने बनी गुरुद्वारा सिंह सभा की पेड पार्किंग में खड़े करने पड़ते हैं। यह पार्किंग छोटी है तथा जल्दी भर जाती है। इसके बाद पार्किंग आधा किलोमीटर दूर लिफ्ट या फिर रेलवे की बस अड्डे के पास बनी पार्किंग में वाहन खड़े करना पड़ते हैं। अस्पताल में हर रोज सैकड़ों की तादाद में मरीज आते हैं।
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व्यावसायिक परिसर में मिलेगी नाममात्र पार्किंग
नगर निगम के तहत स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अस्पताल के पास बस अड्डे के पास निर्माणाधीन बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर में अब दुकानें खुलने जा रही हैं, पहले यहां पार्किंग बनाने का प्रस्ताव था। इसमें दो सौ गाड़ियां की क्षमता की पार्किंग बननी थी, अब इसे घटाकर 80 कर दिया है।
तीमारदार बोले, पार्किंग का करें निर्माण
डीडीयू अस्पताल में शुक्रवार को मरीज लेकर आए तीमारदार कृष्ण सिंह ठाकुर ने कहा कि मरीज को उतारकर गाड़ी वापस ले जाने को कह दिया है। ऐसे में मरीज के साथ यदि दो तीमारदार न हो तो बड़ी मुश्किल हो जाती है। एक को मरीज के पास, दूसरे को गाड़ी को पार्क करने के लिए दौड़-धूप करनी पड़ती है। अस्पताल प्रबंधन को यहां पार्किंग बनानी चाहिए। मरीज को लेकर आए ध्रुव ने बताया कि उनकी गाड़ी को बाहर निकाल दिया गया। ऐसे में मरीज को ओपीडी के बाहर अकेले छोड़कर गाड़ी पार्क करने जाना पड़ा।