गुणात्मक शिक्षा के लिए देश भर में अहम दर्जा रखने वाले राज्य का दंभ भरने वाली हिमाचल सरकार और शिक्षा विभाग को चंबा के अभिभावकों ने आईना दिखाया है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संघनी के विद्यार्थियों के अभिभावकों ने पचास रुपये महीना देकर खुद ही पांच अध्यापकों का इंतजाम कर लिया है। इस स्कूल में करीब साल भर से प्रिंसिपल, पीजीटी अंग्रेजी, हिंदी, राजनीतिक शास्त्र, इतिहास, आईटी, टीजीटी मेडिकल, ओटी, पीईटी, असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट और क्लर्क तक का पद खाली है।
203 से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई के लिए यही एकमात्र स्कूल है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए अभिभावकों ने अपने स्तर पर पांच अध्यापकों की व्यवस्था की है। पंचायत प्रधान याकूब मांगरा और अभिभावक रणधीर चंदेल, हेमराज चंदेल, सतीश कुमार, चैन सिंह, भुट्टो, भीलो राम, अतेह मोहम्मद और सुरेश कुमार बताते हैं कि एक साल से अध्यापकों के पद खाली हैं।
जो अध्यापक स्कूल में तैनात थे, उनका तबादला सरकार ने दूसरी जगह कर दिया। उनके स्थान पर अध्यापकों की नियुक्ति भी नहीं की। ऐसे में अभिभावकों को खुद अध्यापकों का इंतजाम करना पड़ा है। स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष बिमला देवी ने बताया कि शिक्षा विभाग को एसएमसी की तरफ से कई बार प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, लेकिन सुनने को कोई भी तैयार नहीं है।
यह मामला ध्यान में लाया गया है। जल्द ही उक्त स्कूल में अध्यापकों की तैनाती की व्यवस्था की जाएगी।
- देवेंद्र पाल, उच्च शिक्षा उपनिदेशक