मगर आदर्श स्कूल में जो सुविधाएं छात्रों को मिलनी चाहिए। ऐसी सुविधाएं आज तक छात्रों को नहीं मिल पाई। शिक्षकों के पद खाली हैं। दसवीं कक्षा में 71 बच्चों में से मात्र दस बच्चे ही पास हुए और 12वीं कक्षा में 38 बच्चों में से दो ही पास हो पाए।
स्कूल में अंग्रेजी, हिंदी, कंप्यूटर साइंस, इतिहास, जियोग्रॉफी, केमिस्ट्री, फिजिक्स और बायोलॉजी विषय के प्रवक्ताओं के पद खाली पड़े हैं। इन विषय की पढ़ाई भी स्कूल में तैनात इकोनॉमिक्स और हिसाब के अध्यापकों को करवानी पड़ रही है।
उच्च शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय के अधीक्षक ग्रेड-एक अरविंद शर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला अभी लाया गया है। इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से बात करेंगे। किया जाएगा।