स्वर्ण से चूका, पर दो बार पैरालंपिक से पदक लाने पर गर्व : निषाद
मैहतपुर में पत्रकारों से बात करते हुए निषाद कुमार ने कहा कि उनका लक्ष्य तो स्वर्ण पदक जीतने का था। वहां हर खिलाड़ी इसी लक्ष्य को लेकर आता है। स्वर्ण से बेशक चूक गए लेकिन गर्व है कि उन्होंने लगातार दो बार पैरालंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया और मेडल लाए। निषाद ने कहा कि पैरालंपिक के लिए उन्होंने लगातार तीन वर्ष मेहनत की। कोई दिन बिना अभ्यास के नहीं गुजरा। लगातार प्रयास करते रहे और आगे भी निरंतर कठिन परिश्रम करते रहेंगे। अगली बार लक्ष्य गोल्ड रहेगा। इस मौके पर मैहतपुर में विद्या भारती की ओर से हिमाचल शिक्षा समिति के जिला अध्यक्ष यशपाल सिंह कंवर, जिला मंत्री सुखदेव शर्मा, संकुल प्रमुख मीनाक्षी शर्मा के साथ सरस्वती विद्या मंदिर रायपुर सहोड़ा और कटोहड खुर्द के विद्यार्थी भी निषाद कुमार के स्वागत के लिए पहुंचे।
निषाद कुमार ने हिमाचल प्रदेश और देश का नाम ऊंचा किया: सीएम
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने फिर से बधाई देते हुए कहा निषाद कुमार ने हिमाचल प्रदेश और देश का नाम ऊंचा किया है। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने यह साबित कर दिया है कि कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए हमेशा तत्पर है और खिलाड़ियों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें।
वहीं, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने निषाद कुमार को दोबारा बधाई दी और उनकी सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि निषाद की यह जीत हमें सिखाती है कि अगर मन में दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। निषाद ने अपने प्रदर्शन से पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता युवाओं को कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने निषाद कुमार की इस अद्वितीय उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि निषाद ने अपने प्रदर्शन से हर ऊनावासी का सिर गर्व से ऊंचा किया है। उनकी उपलब्धि युवाओं को कड़ी मेहनत और समर्पण के महत्व को समझने में मदद करेगी और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।