ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि विभाग ने हाल ही में बीपीएल लाभार्थियों के संबंध में कैबिनेट अनुमोदन के बाद एक अधिसूचना जारी की है। इसके अंतर्गत आवेदक से मांगे जाने वाले शपथ पत्र की प्रक्रिया के सरलीकरण का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान किया गया है।
बीपीएल चयन में आवेदक को शपथ पत्र स्टांप पेपर पर देना अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि आवेदक निर्धारित प्रपत्र पर हस्ताक्षर करके स्वयं सत्यापित प्रपत्र जमा करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया खंड कार्यालय में ही पूरी कर ली जाएगी। इसके अतिरिक्त बीपीएल चयन के संबंध में विभाग जिला एवं खंड विकास अधिकारियों से निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं।
खंड विकास अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि इस अधिसूचना को अमलीजामा पहनाने में यदि किसी प्रकार की आपत्तियां सामने आती हैं तो उस पर खंड कार्यालयों से फीडबैक लेने के पश्चात विभाग एक विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा ताकि आम जनता को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो। इससे अधिसूचना का भी सही तरीके से कार्यान्वयन किया जा सकेगा।
पंचायती राज संस्थाओं को 14वें वित्तायोग से 181 करोड़ जारी- मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया कि प्रदेश के पंचायती राज संस्थानों के लिए 14वें वित्तायोग के अंतर्गत केंद्र सरकार ने 181 करोड़ रुपये की राशि प्रथम किस्त के रूप में जारी कर दी है। पंचायती राज मंत्री ने कहा कि विभाग ने शीघ्र ही इस राशि को प्रदेश की समस्त 3,226 ग्राम पंचायतों को जारी किया जाएगा।
पंचायतों को यह राशि 90 प्रतिशत आबादी के हिसाब से तथा 10 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर आवंटित की जाएगी। इस राशि के उपयोग के बाद केंद्र सरकार इतनी ही राशि दूसरी किस्त के रूप में प्रदेश को देगी। इस वित्तीय वर्ष में कुल 362 करोड़ रुपये की राशि पंचायतों को 14वें वित्तायोग के तहत प्रदान की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने यह भी अनिवार्य कर दिया है कि ग्राम पंचायत के जिस बैंक खाते में यह राशि प्रदान की जाएगी, वह खाता पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के तहत पंजीकृत होना चाहिए। सभी पंचायतों को अपने-अपने बैंक खातों को पीएफएमएस में पंजीकृत करने को विभाग पहले ही निर्देश दे चुका है।
अब तक 2550 ग्राम पंचायतों ने अपने-अपने खातों को पीएफएमएस में पंजीकृत कर दिया है। शेष ग्राम पंचायतों के प्रधानों तथा सचिवों को यह निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत अपने बैंक खातों को तीन दिनों के भीतर पंजीकृत करवाएं अन्यथा इन पंचायतों को धनराशि जारी नहीं की जाएगी।