सोशल ऑडिट रिपोर्ट की कमियों के साथ कार्रवाई की रिपोर्ट का भी ब्योरा भी ऑनलाइन देख सकेंगे लोग
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कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया कदम संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। पंचायतों में सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले विकास कार्यों और खर्च का हिसाब अब पूरी तरह डिजिटल होगा। ग्रामीण भी इन कार्यों पर सीधी नजर रख सकेंगे।
सरकार की ओर से सोशल ऑडिट से जुड़ी पूरी जानकारी पहली बार ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही है। जिले की पंचायतों के ऑडिट का शेड्यूल और सोशल ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी अब तक लोगों को आसानी से उपलब्ध नहीं होती थी। अब एक क्लिक पर ग्रामीणों को यह जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा अनुपालन रिपोर्ट, गाइडलाइन, नोटिफिकेशन के साथ सर्कुलर की जानकारी भी समय पर उपलब्ध होगी। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव की ओर से यह सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
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स्टेट सोशल ऑडिट यूनिट की ओर से ग्रामीण विकास और कल्याणकारी योजनाओं का सोशल ऑडिट किया जाता है। इसमें वीबीजीरामजी, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, पीएम पोषण समेत अन्य योजनाएं शामिल हैं। सोशल ऑडिट का मकसद योजनाओं के तहत हुए कार्यों, लाभार्थियों और खर्च की जमीनी स्थिति की पड़ताल करना है। सोशल ऑडिट में सामने आई कमियों या आपत्तियों के बाद क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी लोगों को नहीं मिल पाती थी। इसके अलावा विकास कार्य क्यों ठप पड़े हैं, इसकी जानकारी के अभाव में ग्रामीणों को भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध होने से पंचायत के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। पंचायत स्तर पर जवाबदेही तय करने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए विभागीय कार्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब यह स्थिति भी खत्म हो जाएगी।
जिसे में 441 ग्राम पंचायतें जिला शिमला में करीब 441 ग्राम पंचायतें हैं, जबकि प्रदेश में यह आंकड़ा तीन हजार से अधिक है। ऐसे में अब लोग हिमाचल प्रदेश स्टेट सोशल ऑडिट यूनिट (एचपीएसएसएयू) की वेबसाइट पर जाकर इसकी जानकारी हासिल कर सकते हैं।