राज्य चुनाव आयोग ने 50 शहरी निकायों के चुनाव घोषित कर दिए हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार आगामी 22 दिसंबर तक पंचायत चुनाव की घोषणा की जा सकती है। प्रदेश की 115 नई पंचायतों की मतदाता सूचियां 18 दिसंबर तक फाइनल करने का समय चुनाव आयोग ने जिला चुनाव अधिकारियों को दे रखा है। इसके बाद सूचियों का अंतिम प्रकाशन भी होना है।
इस बार पंचायती राज चुनाव के लिए सरकार एसओपी तैयार कर रही है। चुनाव के समय वोटिंग के दौरान पोलिंग बूथ सैनिटाइज होंगे। तय किया जाएगा कि बूथ पर एक समय में वोटिंग करने कितने लोग एक साथ आ सकते हैं। सुरक्षा के चलते वोट डालने का समय थोड़ा बढ़ सकता है। अगर किसी गांव में कोई कोविड पॉजिटिव है तो उसके लिए अलग से वोटिंग का प्रावधान होगा। लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से जो भी खर्च होगा उसे प्रदेश सरकार उठाएगी। बता दें प्रदेश के अधिकतर जिलों में पंचायत चुनाव रोस्टर जारी हो गया है।
कोरोना काल में पहली बार हो रहे चुनाव को संपन्न कराना राज्य चुनाव आयोग के लिए चुनौतियों से कम नहीं होगा। शहरी निकायों में जहां ईवीएम से चुनाव होने हैं, वहीं पंचायतों में बैलेट पेपर पर ठप्पा लगाकर मतदान करना होगा। चूंकि कोरोना महामारी हिमाचल में लगातार बढ़ती जा रही है, ऐसे में हर व्यक्ति के वोट देने के बाद मशीन और ठप्पे को सैनिटाइज करने से लेकर मतदान और मतगणना के दौरान दो गज की दूरी का पालन कराना बड़ी चुनौती रहेगा।
वैसे तो आयोग ने कोविड को लेकर प्रोटोकॉल तैयार किया है। साथ ही पहली बार स्वास्थ्य कर्मियों की भी मदद ली जाएगी। इसके बावजूद ऐसे समय में जब भीड़ से कोविड के बढ़ने का खतरा ज्यादा है, उस समय मतदान को सुरक्षित कराना और लोगों को संक्रमण से बचाना आयोग के लिए मुश्किलों भरा रहेगा।
नगर पंचायतें
राजगढ़, शाहपुर, जवाली, बैजनाथ पपरोला, नगरोटा बगवां, भुंतर, बंजार, आनी, निरमंड, चुवाड़ी, नादौन, भोटा, दौलतपुर चौक, गगरेट, टाहलीवाल, अंब, करसोग ,रिवालसर, तलाई, नारकंडा, जुब्बल, कोटखाई, चौपाल, परवाणू और अर्की शामिल हैं।
नगर परिषद
पांवटा साहिब, नाहन, नूरपुर, ज्वालामुखी, कांगड़ा, कुल्लू, मनाली, डलहौजी, चंबा, हमीरपुर, सुजानपुर, ऊना, संतोषगढ़, मैहतपुर, सुंदरनगर, नेरचौक, सरकाघाट, जोगिंद्रनगर, बिलासपुर, श्रीनयनादेवी, घुमारवीं, रामपुर, ठियोग, रोहडू, बद्दी, नालागढ़ और परवाणू शामिल हैं। किन्नौर जिले में कोई भी नगर परिषद और नगर पंचायत नहीं है।