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पंचायत चुनाव हिमाचल: छोटे पड़ गए मतपत्र, जानें वजह

Thu, 14 Jan 2021 02:21 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर/मंडी
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डमी मतपत्र - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर सहित प्रदेशभर के विभिन्न जिलों में कई स्थानों पर पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव सर्वसम्मति से हुए हैं, वहीं हमीरपुर जिले में इस चुनावी दंगल में कूदने वालों की होड़ लगी है। जिले की आधा दर्जन ग्राम पंचायतों में इतने अधिक प्रत्याशी उतर आए हैं कि प्रदेश निर्वाचन विभाग की ओर से भेजे गए बैलेट पेपर ही छोटे पड़ गए हैं। हमीरपुर जिले की एक पंचायत प्रधान, चार उपप्रधान और एक पंचायत समिति वार्ड में 10 से अधिक प्रत्याशी होने के चलते जिला निर्वाचन विभाग को इनके लिए अलग से बैलेट पेपर पिंट करवाने की नौबत पड़ गई है।
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क्योंकि प्रदेश निर्वाचन आयोग की तरफ से अभी तक जो बैलेट पेपर भेजे गए हैं, उनमें नौ प्रत्याशी और एक नोटा का ही विकल्प है। जबकि, जिला हमीरपुर के अंतर्गत आते पंचायत समिति वार्ड नंबर 22 बधानी में 10 प्रत्याशी, ग्राम पंचायत ब्राहलडी मं प्रधान पद के लिए 10 प्रत्याशी, ग्राम पंचायत बड़सर, ग्राम पंचायत बीड बगेहड़ा और ग्राम पंचायत भरेड़ा में उपप्रधान के 10-10 उम्मीदवार हैं। जिसके चलते जिला निर्वाचन विभाग ने प्रदेश निर्वाचन विभाग से करीब 13500 अतिरिक्त बैलेट पेपर की डिमांड भेजी है। अब नए बैलेट पेपर पहुंच गए हैं।

विधायक राणा की पंचायत में 13 प्रत्याशी लड़ रहे उपप्रधान का चुनाव
कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा की गृह विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर के तहत आती ग्राम पंचायत पटलांदर में उपप्रधान के 13 प्रत्याशी मैदान में है। जिले में सबसे अधिक प्रत्याशी पटलांदर पंचायत में ही हैं। यहां उपप्रधान के 13 उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने से निर्वाचन विभाग को अलग से बैलेट पेपर प्रिंट करवाने पड़े हैं।
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निर्वाचन विभाग की ओर से भेजे गए बैलेट पेपर में 9 प्रत्याशी और एक नोटा होता है। जिले में एक पंचायत प्रधान, चार उपप्रधान और एक पंचायत समिति वार्ड में 9 से अधिक प्रत्याशी होने के चलते अतिरिक्त बैलेट पेपर प्रकाशित करने के लिए प्रदेश निर्वाचन आयोग को डिमांड भेजी थी, जो पहुंच चुके हैं। -हरबंस सिंह, जिला पंचायत अधिकारी हमीरपुर।

मंडी में 60500 अतिरिक्त मतपत्र छापने पड़े
 पंचायती राज चुनाव में भाग्य आजमाने वालों की फौज ज्यादा होने के कारण जिला प्रशासन को मतदान के लिए 60,500 अतिरिक्त मतपत्र छपवाने पड़े। सबसे अधिक 20 हजार मत पत्र जिला परिषद के लिए छपवाए गए हैं। पंचायत समिति सदस्यों के लिए 10 हजार, प्रधान के लिए 13 हजार, उपप्रधान के लिए 17 हजार और वार्ड सदस्यों के पांच मतपत्र प्रकाशित करने पड़े हैं। पंचायत चुनाव में 7.5 लाख मतदाता 12,405 प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला करेंगे। कुछ पंचायतों में एक सीट पर दस से अधिक के बीच मुकाबला है। जिला पंचायत अधिकारी हरि सिंह ठाकुर का कहना है कि मांग के आधार पर सभी संबंधित अधिकारियों को अतिरिक्त मतपत्र सौंपे जा चुके हैं। 

 
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चुनाव आयोग ने पहले चरण में प्रकाशित किए थे पौने तीन करोड़ मतपत्र 

वहीं, चुनाव आयोग को राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में 10 से ज्यादा उम्मीवारों के लिए नए सिरे से छह लाख मतपत्र छपाने पड़े हैं। राज्य चुनाव आयोग ने पहले चरण में पौने तीन करोड़ मतपत्र प्रकाशित किए थे।  राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की संख्या ज्यादा होने के कारण नए सिरे से मतपत्र छपवाने पड़े हैं। 

चुनाव आयोग ने पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव लड़ने वाले दस-दस प्रत्याशियों के लिए पौने तीन करोड़ मतपत्र प्रकाशित किए थे। ये मतपत्र छह रंगों में प्रकाशित किए थे।  राज्य चुनाव आयोग के चुनाव अधिकारी संजीव महाजन ने कहा कि कई पदों के लिए 16 तक प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। जिला शिमला, कांगड़ा और मंडी के लिए छह लाख और मतपत्र छापने पड़े हैं।
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