प्रदेश भर में हो रहे पंचायती राज चुनाव में भी उम्मीदवारों को बाकायदा शपथ पत्र देना अनिवार्य किया गया है। इस शपथ पत्र में उम्मीदवारी के लिए अपनी चल- अचल संपत्ति के साथ, बैंक खाते, जगह जमीन के अलावा आपराधिक मामलों, न्यायालय में विचाराधीन मामला का भी पूरा ब्योरा देना होगा। शपथ पत्र में प्रत्याशी को अपनी संपत्ति के एक-एक पैसे का हिसाब बताना होगा।
शपथ पत्र में शैक्षणिक योग्यता कॉलम भावी उम्मीदवारों को सबसे अधिक परेशान कर रहा है। हालांकि नामांकन पत्र में पात्रता को शैक्षणिक योग्यता को लेकर ऐसी कोई शर्त नहीं है, जो दसवीं के बाद का ही पूछा गया है। पंचायत चुनाव में आयोग की ओर से जारी किया गया शपथ पत्र चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों को कन्फयूज कर रहा है।
शपथ पत्र भाग चार-विलोपित भाग पांच में सात नंबर के दिए कॉलम में शैक्षणिक योग्यता का ब्योरा मांगा है। जिससे उम्मीदवार का उलझ रहे हैं, कुछ जिला पंचायत अधिकारी तक इसकी पूछताछ करने भी पहुंच रहे हैं। ब्योरे में दसवीं और इसके बाद की शिक्षा से संबंधित विद्यालय या विश्वविद्यालय की शिक्षा, स्कूल, विश्वविद्यालय का नाम, वर्ष तक देना होगा।
इस शर्त से यह प्रतीत हो रहा है कि पंचायत वार्ड सदस्य से लेकर पंचायत उप प्रधान, प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य पद के उम्मीदवार को न्यूनतम दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई अनिवार्य की गई है। हालांकि, नामांकन पत्र में प्रत्याशियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की कोई शर्त नहीं है। ऐसा कोई फैसला सरकार ने नहीं लिया है। ऐसे में चुनाव करवाने की ड्यूटी देने वाले कर्मियों रिटर्निंग आफिसर तक को इस शर्त पर स्थिति स्पष्ट करना मुश्किल हो सकता है।