हिमाचल के जिला उपायुक्तों को 5 नवंबर से पहले आरक्षण रोस्टर जारी करना होगा। सरकार ने रोस्टर जारी करने की डेडलाइन घोषित कर दी है। अगर इसके बाद भी रोस्टर जारी नहीं हुआ तो उपायुक्तों को देरी का जवाब देना पड़ेगा। सरकार मान रही है कि अब तक सभी जिलों के रोस्टर सार्वजनिक हो जाने चाहिए थे।
दिसंबर में पंचायतों के चुनाव होने हैं। नवंबर शुरू हो रहा है, लेकिन अभी तक प्रदेश की जनता को यही पता नहीं है कि कौन सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित है। रोस्टर जारी होने के बाद ही गांवों में राजनीति गरमाएगी। प्रदेश सरकार ने 17 अक्तूबर को सभी उपायुक्तों को एक सप्ताह में आरक्षण रोस्टर जारी करने के निर्देश दिए थे।