आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों को इस बार आयोग ने शपथपत्र देना अनिवार्य कर दिया है। शपथ पत्र देने के बाद ही चुनाव आयोग आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने देगा। हिमाचल में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकाय चुनाव लड़ने से पहले राज्य चुनाव आयोग शपथपत्र मांगेगा ताकि उनका पिछला आपराधिक रिकॉर्ड आयोग के पास रह सके।
राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों से पहले नामांकनपत्र भराते समय फार्म पर सारे केसों की विस्तृत जानकारी ली जाती थी। लेकिन इस बार आपराधिक मामलों का पूरा विवरण शपथपत्र में लिया जाएगा। आयोग के अधिकारी बताते हैं कि हिमाचल चुनाव आयोग के पास दायर शपथपत्र में सभी केस की जानकारी देनी होगी।
इसमें यह भी बताना पडे़गा कि प्रत्याशी पर कितने केस और कब से चल रहे हैं। कौन-कौन से मामलों में केस चल रहे हैं। अगर किसी केस में सजा हुई है तो वह कितने समय की थी। इसके अलावा बैंकों से लिए ऋण को लेकर चल रहे केसों का हवाला भी देना होगा। इन केसों में सजा हुई है तो उसका उल्लेख करना भी जरूरी होगा।