अंकेश की मां कश्मीरी देवी भी नम आंखों से बेटे की सलामती की दुआ मांग रही हैं। उन्होंने कहा कि 3 फरवरी को ही तो मेरी अंकेश ‘अंकू’ से बात हुई है। उसने कहा था कि मां - घर का निर्माण कार्य जल्द पूरा करवा लो। मैं 20 फरवरी को छुट्टी आ रहा हूं।
अरुणाचल प्रदेश में हिमस्खलन की चपेट में आने से शहीद हुए सेऊ गांव के जवान अंकेश भारद्वाज के पिता पूर्व सैनिक पांचा राम को बेटे की शहादत पर विश्वास नहीं हो रहा। उन्होंने कहा हि उनका बेटा शहीद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अंकेश कोमा में है और अस्पताल में इलाज चल रहा है। जब तक सैन्य अधिकारी या प्रशासनिक अधिकारी नहीं बताएंगे - तब तक वह शहादत की खबर को सच नहीं मानेंगे।
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अंकेश की मां कश्मीरी देवी भी नम आंखों से बेटे की सलामती की दुआ मांग रही हैं। उन्होंने कहा कि तीन फरवरी को ही तो मेरी अंकेश ‘अंकू’ से बात हुई है। उसने कहा था कि मां - घर का निर्माण कार्य जल्द पूरा करवा लो। मैं 20 फरवरी को छुट्टी आ रहा हूं। बहरहाल, माता-पिता अंकेश की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर परिवार को ढांढस बंधाने के लिए गांव के लोगों और रिश्तेदारों का अंकेश के घर पर तांता लगा हुआ है। मंगलवार को मंत्री राजेंद्र गर्ग भी अंकेश के माता-पिता से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया।
सातवीं कक्षा से ही शुरू कर दी थी सेना में भर्ती होने की तैयारी
अंकेश भारद्वाज ने सातवीं कक्षा से ही सेना में भर्ती की तैयारी करने के लिए दौड़ लगाना शुरू कर दी थी। उन्होंने सेना में जाने का सपना बचपन से ही पाला हुआ था। पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने आर्मी स्कूल के लिए परीक्षा दी लेकिन भाग्य ने साथ नहीं दिया। उन्होंने निजी स्कूल से ही बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई की। 25 जनवरी 2019 को अंकेश 19-जैक बटालियन में भर्ती हो गए थे। अंकेश के छोटे भाई आकाश 11वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं। वह भी सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे हैं।