उन्होंने कि सही मायने में विंटर क्वीन बनना ओवर ऑल प्रदर्शन पर ही निर्भर करता है। मुझे खुद की प्रतिभा पर यकीन था, इसी का नतीजा है कि ताज उनके सिर सजा है। मॉडलिंग में कॅरियर बनाना उनका सपना है।
चंबा के गांव सिहुंता की रहने वाली पलक सामान्य परिवार से है। बचपन से ही घर से बाहर रहने वाली पलक के पिता राजीव शर्मा स्टेट कोआपरेटिव बैंक में बतौर मैनेजर कार्यरत हैं। माता गृहिणी है।
इससे पहले वे धर्मशाला में मिस हिमालयन पेजेंटरी की ब्यूटी क्वीन प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रही हैं। उनकी दसवीं तक की शिक्षा मॉडल स्कूल करमल गगल से हुई है तथा जमा दो गुरुकुल रावमा विद्यालय धर्मशाला से पास की है।
विंटर कार्निवाल में वायस ऑफ कार्निवाल बने मंडी के पधर निवासी सुब्रत शर्मा बॉलीवुड में प्ले बैक सिंगर बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिता में प्रस्तुति देना आसान नहीं होता।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में सुब्रत ने कहा कि वे डीएवी कॉलेज जालंधर में बीए की पढ़ाई कर रहे हैं। इनका विषय संगीत है। सुब्रत ने कहा कि वे वायस ऑफ कार्निवाल का विजेता बन बेहद खुश हैं।
उन्होंने इस खिताब को संगीत के शिक्षक बलदेव सिंह नारंग को समर्पित किया है। इसके अलावा अपनी सफलता का श्रेय पिता गोपाल शर्मा और माता हर्षा शर्मा को भी दिया है।