इसके अलावा प्रदेश में वोकेशनल शिक्षा के तहत स्कूलों में नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। सरकारी स्कूलों में नर्सरी और केजी कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इन सभी कार्यों के लिए केंद्र से अधिक बजट की मांग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नर्सरी-केजी कक्षाओं को जेबीटी से पढ़ाने या नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वाले शिक्षकों की भर्ती करने को लेकर भी मंगलवार को हुई बैठक में चर्चा की गई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस मामले को भी केंद्र सरकार से समक्ष उठाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि साल 2017-18 के दौरान हिमाचल ने 834 करोड़ के बजट की केंद्र सरकार से मांग की थी। केंद्र ने 408 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। बैठक में शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।