हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल बंद करने के बाद कर्मचारियों से जुड़े लंबित 22 हजार मामलों को हाईकोर्ट में भेजने के संबंध में अध्यादेश जारी कर दिया गया है। कर्मचारियों से जुड़े मसलों को शीघ्र हाईकोर्ट शिफ्ट करने के लिए यह अध्यादेश लाया गया है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 19 अगस्त से शुरू होने वाला है। कर्मचारियों को हाईकोर्ट अपने मामले ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण ट्रिब्यूनल के मामले हाईकोर्ट में भेजने को अध्यादेश लाया गया है।
मानसून सत्र में सरकार को अध्यादेश के बाद इस संबंध में विधेयक भी लाना होगा, क्योंकि इसके बाद छह हफ्ते के भीतर शीतकालीन सत्र नहीं बुलाया जा सकेगा। सूत्रों के मुताबिक अगर अध्यादेश के बाद तय समय के भीतर विधेयक नहीं लाया जाता है तो अध्यादेश स्वयं रद्द माना जाता है। इस कारण सरकार को अध्यादेश के बाद ट्रिब्यूनल के केस हाईकोर्ट में शिफ्ट करने के लिए मानसून सत्र में मामले को लेकर विधेयक भी लाना होगा।
उल्लेखनीय है कि कर्मचारियों के ट्रिब्यूनल के मामले हाईकोर्ट में न भेजने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस मामले पर हिमाचल प्रदेश सचिवालय राजपत्रित कर्मचारी संघ के नेता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी मिले थे। संघ के महासचिव विवेक ने कहा कि इसके बाद सरकार ने कर्मचारियों की समस्या को समझते हुए अध्यादेश लाने का फैसला लिया है।