शिमला। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-एक शिमला प्रवीण गर्ग की अदालत ने सड़क दुर्घटना में मुआवजे की राशि जारी करने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता अब बालिग हो चुका है और उसे अपनी उच्च शिक्षा के लिए धन की आवश्यकता है। याचिकाकर्ता ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत दावा दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान गणना की गलती के कारण मुआवजे की राशि 36,81,440 रुपये आंकी थी जोकि कम थी। वर्ष 2019 में अदालत द्वारा इस गलती को सुधारा था और इसे 52,62,08 रुपये निर्धारित किया था। बीमा कंपनी ने 14 सितंबर 2022 को 31,65,144 रुपये कोर्ट में जमा करवाए थे। इस राशि को कोर्ट ने याचिकाकर्ता को देने के आदेश दिए हैं लेकिन कुल राशि में से आठ लाख रुपये फिलहाल जारी नहीं किए जाएंगे क्योंकि यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। बीमा कंपनी के वकील ने भी इस राशि को जारी करने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। संवाद