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Shimla News: सेब सीजन में भट्ठाकुफर फल मंडी को बंद करने का फरमान

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एपीएमसी ने आढ़तियों को जारी किए नोटिस, मंडी में जताया भूस्खलन का खतरा
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700 करोड़ के सेब कारोबार पर संकट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सेब सीजन में शिमला की सबसे पुरानी भट्ठाकुफर फल मंडी को बंद करने का फरमान जारी कर दिया है। एपीएमसी ने आढ़तियों को नोटिस जारी कर भट्ठाकुफर से ठियोग की पराला मंडी शिफ्ट होने के निर्देश दिए हैं।

भारी बारिश के बाद भूस्खलन के खतरे के चलते एपीएमसी ने मंडी में कारोबार बंद करने को कहा है। मंडी बंद होने से 700 करोड़ के कारोबार पर संकट खड़ा हो गया है। सरकार और प्रशासन की नाकामी के चलते सेब सीजन पर संकट गहरा गया है। शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी को बंद करने के आदेशों के बाद बागवान को सेब बेचने की चिंता सता रही है। 2020 में फल मंडी पर भूस्खलन हुआ था जिसके बाद मंडी को असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। न तो पिछली भाजपा सरकार और न ही मौजूदा कांग्रेस सरकार ने समस्या को गंभीरता से लिया जिस कारण अब सीजन के दौरान ही मंडी को बंद करने की नौबत आ गई है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कृषि विपणन बोर्ड से पिछले दिनों भट्ठाकुफर फल मंडी की स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी, बावजूद इसके सीजन शुरू होने से पहले न तो मंडी दुरूस्त हो पाई न ही सरकार ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था की। मंडी बंद होने से सेब कारोबार पर संकट के चलते बागवानों के अलावा आढ़तियों की भी परेशानी बढ़ गई है।
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मंडी में बिकता है 4 जिलों का सेब
इस मंडी में शिमला सहित कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिले से आने वाला सेब भी बिकता है। मंडी जिले के करसोग, कुल्लू के आनी और सिरमौर के राजगढ़ से भारी मात्रा में सेब भट्ठाकुफर मंडी में बिकता है।



सरकार ने गंभीरता से नहीं किया काम : संजय
संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान ने कहा कि सरकार ने बागवानों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। तीन सालों से भट्ठाकुफर फल मंडी मलबे के ढेर में दबी है। समस्या के समाधान के लिए न तो पूर्व सरकार गंभीर थी न ही मौजूदा सरकार ने गंभीरता दिखाई है। भट्ठाकुफर मंडी में कारोबार प्रभावित हुआ तो बागवानों को उपज बेचना मुश्किल हो जाएगा।



मंडी बंद हुई तो डूब जाएगा पैसा
आढ़ती एसोसिएशन ढली के अध्यक्ष प्रताप सिंह कैरो ने कहा कि सेब सीजन शुरू हो चुका है, आढ़ती अपना पैसा लगा चुके हैं। मंडी बंद हुई तो पैसा डूब जाएगा। आढ़ती एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को पंचायतीराज मंत्री से मुलाकात कर मंडी को सुरक्षित करने का आग्रह करेगा। मंगलवार को अधिकारियों ने मंडी का निरीक्षण किया है और क्षतिग्रस्त शेड को हटाने पर विचार किया जा रहा है।
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भूस्खलन के चलते दिए मंडी बंद करने के निर्देश
भारी बारिश के बाद भूस्खलन के खतरे को देखते हुए भट्ठाकुफर फल मंडी में कारोबार न करने के निर्देश दिए हैं। मंडी 2020 से प्रशासन द्वारा असुरक्षित घोषित की है।
-देवराज कश्यप, सचिव कृषि उपज विपणन समिति, ढली
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