शिमला। वरिष्ठ सिविल जज प्रतिभा नेगी की अदालत ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए मैसर्स प्योर एलिमेंट्स और उसकी प्रोपराइटर को बकाया ऋण राशि चुकाने का आदेश दिया है। अदालत ने प्रतिवादियों को आदेश दिए हैं कि वह बैंक को 1,93,680 रुपये की बकाया राशि पर दावा दायर करने की तारीख से पूरी वसूली तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज (मासिक रेस्ट) सहित भुगतान करें। मामले के अनुसार मैसर्स प्योर एलिमेंट्स की प्रोपराइटर ने रिटेल स्टोर के संचालन के लिए दिसंबर 2017 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पांच लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण संबंधी दस्तावेज निष्पादित होने के बाद ऋण खाते में नियमित भुगतान नहीं किया गया। इसके चलते 31 मार्च, 2021 तक खाते में 1,93,680 रुपये की बकाया राशि हो गई। बकाया राशि का भुगतान नहीं किया तो बैंक ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। संवाद